हिमाचल प्रदेश में तीन साल में नशा तस्करी के 5848 मामले, सिर्फ 88 में सजा
शिमला, 26 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नशे की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में एक अगस्त 2026 तक प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के तहत 5848 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 9363 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें से अदालत ने अभी तक सिर्फ 88 मामलों में दोषियों को सजा सुनाई है। बड़ी संख्या में मामले अब भी अदालतों में विचाराधीन हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया के मूल सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 5848 मामलों में से 5194 मामलों में पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र पेश कर दिए हैं। 23 मामलों में रद्द रिपोर्ट तैयार की गई है, जबकि 58 मामलों में अदम पता रिपोर्ट तैयार की गई। इसके अलावा 573 मामलों में अभी जांच चल रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार अदालत में पेश किए गए 5194 मामलों में से 88 मामलों में अदालत ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। 68 मामलों में आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया है। 5038 मामले अभी अदालतों में विचाराधीन हैं।
सरकार ने नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की संपत्ति पर भी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 65 आरोपियों की संपत्ति सीज की जा चुकी है।
139 सरकारी कर्मचारी नशे से जुड़े मामलों में चिन्हित
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत 139 सरकारी पुलिस कर्मचारियों की पहचान की गई है। इनमें 15 राज्य कर्मचारियों और 21 पुलिस कर्मियों को अब तक बर्खास्त किया जा चुका है। बाकी कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई चल रही है।
सिरमौर में बनेगा मॉडल नशा मुक्ति केंद्र
सरकार सिरमौर जिले के कोटला बड़ोग में एक मॉडल नशा मुक्ति केंद्र स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस केंद्र में 50 महिलाओं और 50 पुरुषों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। केंद्र के लिए 147 बीघा जमीन चिन्हित की गई है।
नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार की ओर से कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सात सितंबर को ऊना में वॉकथॉन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद मंडी में भी वॉकथॉन का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज की भागीदारी और सामुदायिक जिम्मेदारी जरूरी है।
नशे की रोकथाम के लिए कई स्तर पर अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नशे की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठा रही है। इसके तहत विशेष इंटर-स्टेट और इंटर-डिस्ट्रिक्ट नाका अभियान चलाए जा रहे हैं। सामाजिक तलाशी और छापेमारी अभियान भी किए जा रहे हैं।
स्कूलों और कॉलेजों के आसपास निरीक्षण और तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। दवा निर्माण इकाइयों, केमिस्ट और मेडिकल दुकानों का विशेष निरीक्षण किया जा रहा है। छोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है।
इसके साथ ही नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों का विशेष निरीक्षण किया जा रहा है। पुलिस की ओर से विशेष सर्च ऑपरेशन भी चलाए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

