हिमाचल प्रदेश में तीन साल में हत्या के 309 और दुष्कर्म के 1287 मामले, ज्यादातर मामले अदालतों में लंबित
शिमला, 01 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में अपराध के आंकड़े बताते हैं कि हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले बड़ी संख्या में दर्ज हुए हैं। प्रदेश में इस अवधि में हत्या के 309 मामले सामने आए, जिनमें से पांच मामलों में आरोपितों को सजा हुई है। छह मामलों में आरोपित बरी हुए हैं, जबकि 233 मामले अभी अदालतों में विचाराधीन हैं। इसी अवधि में महिलाओं से बलात्कार के 1287 मामले दर्ज हुए। इनमें 66 मामलों में सजा हुई, 219 मामलों में आरोपित बरी हुए और 775 मामले अदालतों में विचाराधीन हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में करसोग के विधायक दीपराज के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले तीन वर्षों में 31 जुलाई 2026 तक प्रदेश में हत्या, चोरी, डकैती और अपहरण के कुल 5773 मामले दर्ज किए गए। इनमें हत्या के 309, चोरी के 3481, डकैती के 13 और अपहरण के 1970 मामले शामिल हैं।
लिखित जवाब के अनुसार इस अवधि में महिलाओं से जुड़े अपराधों के भी 4379 मामले दर्ज हुए। इनमें बलात्कार के 1287, छेड़छाड़ के 435, उत्पीड़न के 646, महिलाओं की हत्या के 96 और शोषण के 1915 मामले शामिल हैं। मुख्यमंत्री के जवाब में कहा गया है कि इन अपराधों से संबंधित मामलों में से 9030 का समाधान हो चुका है, जबकि 1026 मामलों में जांच जारी है।
हत्या के मामलों में शिमला जिला सबसे आगे रहा। यहां तीन वर्षों के दौरान 50 हत्याएं दर्ज हुईं। कांगड़ा पुलिस जिला में 35, मंडी पुलिस जिला में 30, सोलन में 24, बद्दी पुलिस जिला में 27, चंबा में 22, कुल्लू में 23, ऊना में 21, सिरमौर में 20 और बिलासपुर में 18 हत्याएं हुईं। नूरपुर पुलिस जिला में 11, जबकि देहरा और किन्नौर पुलिस जिला में आठ-आठ हत्या के मामले दर्ज हुए। लाहौल पुलिस जिला में इस अवधि में हत्या का कोई मामला सामने नहीं आया।
चोरी के मामलों में भी शिमला सबसे आगे रहा, जहां 455 मामले दर्ज हुए। लाहौल में चोरी के सबसे कम नौ मामले सामने आए। प्रदेश में डकैती के कुल 13 मामले दर्ज हुए। इनमें ऊना और बद्दी पुलिस जिला में तीन-तीन मामले थे। चंबा, देहरा, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन में डकैती का एक-एक मामला दर्ज हुआ। अपहरण के सबसे ज्यादा 302 मामले मंडी में दर्ज हुए, जबकि लाहौल में सबसे कम दो मामले सामने आए।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बलात्कार के सबसे ज्यादा 187 मामले मंडी में दर्ज हुए। शिमला और सिरमौर में 168-168 मामले सामने आए। कांगड़ा में 130, चंबा में 114, कुल्लू में 90, सोलन में 88 और ऊना में 68 बलात्कार के मामले दर्ज हुए। लाहौल-स्पीति में ऐसे तीन मामले सामने आए, जो दिए गए आंकड़ों में सबसे कम हैं।
छेड़छाड़ के सबसे ज्यादा 78 मामले मंडी में दर्ज हुए, जबकि लाहौल-स्पीति में दो मामले सामने आए। महिलाओं की हत्या के मामले में भी शिमला सबसे आगे रहा। यहां 16 महिलाओं की हत्या के मामले दर्ज हुए। मंडी में 13, कांगड़ा में 10, चंबा, कुल्लू और सोलन में आठ-आठ, ऊना में सात, बद्दी, बिलासपुर और सिरमौर में पांच-पांच, नूरपुर में चार, देहरा और हमीरपुर में तीन-तीन तथा किन्नौर में एक महिला की हत्या का मामला दर्ज हुआ। लाहौल-स्पीति में महिला हत्या का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

