हिमाचल में 177 सरकारी स्कूल भवनरहित, कहीं रेस्ट हाउस तो कहीं दूसरे स्कूलों के भवन में चल रही पढ़ाई

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हिमाचल में 177 सरकारी स्कूल भवनरहित, कहीं रेस्ट हाउस तो कहीं दूसरे स्कूलों के भवन में चल रही पढ़ाई


शिमला, 03 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों की पढ़ाई कई जगह ऐसे भवनों में चल रही है, जो स्कूल के लिए बने ही नहीं हैं। प्रदेश में कुल 177 पाठशालाएं भवनरहित हैं और इनकी पढ़ाई अस्थायी तौर पर दूसरे सरकारी स्कूलों के भवनों, निजी परिसरों, विश्राम गृहों, सामुदायिक भवनों, महिला मंडलों और पंचायत भवनों में चल रही है। इनमें 12 पाठशालाओं के भवन हाल के वर्षों में आपदा के कारण असुरक्षित घोषित किए गए हैं। यह जानकारी शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने वीरवार को विधानसभा में विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के सवाल के लिखित जवाब में दी।

सरकार के लिखित जवाब के अनुसार प्रदेश में इस समय 177 स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अपना भवन नहीं है। ये स्कूल अलग-अलग अस्थायी स्थानों पर चलाए जा रहे हैं। सरकार ने बताया है कि इनमें से 28 पाठशालाओं के भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं 14 पाठशालाओं के भवन निर्माण के लिए धनराशि जारी की जा चुकी है। बाकी स्कूलों के भवन निर्माण का काम जमीन उपलब्ध नहीं होने या भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले लंबित होने के कारण रुका हुआ है।

चम्बा में आपदा ने छीना स्कूल का भवन, अब रेस्ट हाउस में पढ़ रहे 99 बच्चे

भवनरहित स्कूलों की स्थिति का एक उदाहरण चंबा जिले के कुनरा का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है। इस स्कूल का अपना भवन आपदा के कारण असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। इसके बाद स्कूल को लोक निर्माण विभाग के कुनरा रेस्ट हाउस में स्थानांतरित करना पड़ा। वर्तमान में स्कूल रेस्ट हाउस के चार कमरों में चल रहा है और यहां 99 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।

स्कूल के नए भवन के निर्माण के लिए जमीन हासिल करने की प्रक्रिया चल रही है। यानी जब तक नया भवन तैयार नहीं होता, विद्यार्थियों और शिक्षकों को रेस्ट हाउस की व्यवस्था में ही पढ़ाई जारी रखनी होगी।

1,526 स्कूल बंद, 1,473 सरकारी भवन शिक्षा विभाग के पास

शिक्षा मंत्री के जवाब में प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में बंद किए गए स्कूलों का भी ब्योरा दिया गया है। सरकार के अनुसार हिमाचल प्रदेश में कुल 1,526 पाठशालाएं और विद्यालय बंद किए गए हैं। इनमें से 1,473 विद्यालयों के भवनों का स्वामित्व शिक्षा विभाग के पास है और ये भवन खाली पड़े हैं।

इन 1,473 खाली सरकारी स्कूल भवनों में से 577 भवनों को जरूरत और उपलब्धता के अनुसार दूसरे विभागों को इस्तेमाल के लिए दिया गया है। इन भवनों का उपयोग अब विभिन्न सरकारी और सामुदायिक गतिविधियों के लिए हो रहा है।

सरकार के अनुसार इन खाली स्कूल भवनों का इस्तेमाल पंचायती राज विभाग, महिला मंडल, युवक मंडल, आंगनवाड़ी केंद्र, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, पशुपालन विभाग और मंदिर समितियों द्वारा किया जा रहा है।

53 बंद स्कूलों के अपने सरकारी भवन थे ही नहीं

बंद किए गए 1,526 विद्यालयों में 53 ऐसे स्कूल भी हैं, जो पहले से निजी या किराए के भवनों में चल रहे थे। इसलिए इनके बंद होने के बाद शिक्षा विभाग के पास इन स्कूलों से संबंधित कोई सरकारी भवन उपलब्ध नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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