हिमाचल में सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों का 495 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया, सबसे ज्यादा 455 करोड़ जलशक्ति विभाग पर

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हिमाचल में सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों का 495 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया, सबसे ज्यादा 455 करोड़ जलशक्ति विभाग पर


शिमला, 24 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और अन्य संस्थाओं पर बिजली बोर्ड का कुल 495 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में मंगलवार को जसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में दी। सामने आए आंकड़ों से स्पष्ट है कि बड़ी राशि लंबे समय से लंबित है और इसकी वसूली बिजली बोर्ड के लिए चुनौती बनी हुई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल बकाया राशि में से करीब 86 करोड़ रुपये ऐसे हैं, जो पिछले तीन वर्षों से भी अधिक समय से लंबित पड़े हैं। बिजली बोर्ड इन देनदारियों की वसूली के लिए संबंधित विभागों, बोर्डों, निगमों और संस्थाओं को समय-समय पर नोटिस जारी कर रहा है। इसके अलावा टेंपरेरी डिस्कनेक्शन ऑर्डर के माध्यम से बिजली कटौती जैसी कार्रवाई भी की जा रही है, जिससे बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जा सके।

सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि बकाया राशि की समस्या को कम करने के लिए एक और कदम उठाया जा रहा है। इसके तहत सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और संस्थाओं के बिजली कनेक्शनों को चरणबद्ध तरीके से प्री-पेड मोड में बदला जा रहा है। इससे भविष्य में बिलों का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल बकाया देनदारियों की वसूली के लिए कोई अलग से विशेष नीति नहीं बनाई गई है। हालांकि इस संबंध में संबंधित विभागों, बोर्डों, निगमों और संस्थाओं के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है, ताकि लंबित राशि का भुगतान जल्द हो सके।

विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक बकाया राशि जलशक्ति विभाग पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अकेले जलशक्ति विभाग पर 455 करोड़ रुपये का बिजली बिल लंबित है, जो कुल बकाया का सबसे बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग पर करीब 8 करोड़ रुपये, नगर परिषद और नगर पंचायतों (एमसी/एनएसी) पर 7.55 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग पर 1.18 करोड़ रुपये और राजस्व विभाग पर 1.43 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कुल मिलाकर विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और संस्थाओं व अन्यों को मिलाकर लगभग 90 पर यह बकाया राशि दर्ज है। सरकार और बिजली बोर्ड की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि इन देनदारियों की वसूली समयबद्ध तरीके से की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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