हिमाचल प्रदेश में तीन साल में ड्रग्स की ओवरडोज से 66 मौतें, 6246 मामले दर्ज

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हिमाचल प्रदेश में तीन साल में ड्रग्स की ओवरडोज से 66 मौतें, 6246 मामले दर्ज


शिमला, 24 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नशे का फैलता नेटवर्क अब गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में राज्य में ड्रग्स की ओवरडोज से 66 लोगों की मौत होने का खुलासा विधानसभा में हुआ है। सरकार की ओर से दिए गए इस आंकड़े ने नशे की समस्या की गंभीरता को फिर सामने ला दिया है।

मंगलवार को विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान विधायकों जीत राम कटवाल और प्रकाश राणा के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि वर्ष 2023 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कुल 66 लोगों की मौत ड्रग्स की ओवरडोज से हुई है। इनमें वर्ष 2023 में 8, वर्ष 2024 में 31 और वर्ष 2025 में 27 लोगों की मौत शामिल है। वहीं वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 31 जनवरी तक ओवरडोज से मौत का कोई मामला सरकार के संज्ञान में नहीं आया है।

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में चिट्टा सहित अन्य अवैध नशीले पदार्थों से जुड़े कुल 6246 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 5684 मामलों में पुलिस ने चालान अदालत में पेश किए हैं। जबकि 19 मामलों में रद्द रिपोर्ट दायर की गई है, 57 मामले अब तक अनट्रेस्ड हैं और 486 मामले अभी जांच के अधीन हैं।

इसी अवधि में अदालतों में विचाराधीन मामलों में से 108 मामलों में आरोपियों को सजा सुनाई गई है, जबकि 139 मामलों में आरोपी बरी हुए हैं। इसके अलावा 5437 मामले अभी भी अदालतों में लंबित हैं। इससे साफ है कि नशे से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और न्यायिक प्रक्रिया भी बड़ी संख्या में मामलों से प्रभावित हो रही है।

सरकार ने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में नशे से जुड़े मामलों में 5298 आरोपियों को जमानत मिली है। इनमें चिट्टा मामलों में पुलिस द्वारा 1889 लोगों को जमानत दी गई, जबकि अदालतों द्वारा 3409 लोगों को जमानत मिली है। इसी दौरान चिट्टा से जुड़े 3152 एफआईआर दर्ज किए गए, जिनमें 5563 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

जिला स्तर पर देखें तो शिमला में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक सामने आई है। पिछले तीन वर्षों में शिमला जिले में चिट्टा के सबसे अधिक 639 मामले दर्ज किए गए हैं और इन मामलों में 1287 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 290 मामलों में पुलिस ने 427 आरोपियों को जमानत दी, जबकि अदालतों ने 349 मामलों में 860 आरोपियों को जमानत प्रदान की।

इसके विपरीत लाहौल-स्पीति जिले में इस अवधि के दौरान चिट्टा के सबसे कम सिर्फ 2 मामले दर्ज किए गए और दोनों मामलों में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि बाद में दोनों आरोपियों को पुलिस द्वारा जमानत दे दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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