हिमाचल के 60 शहरी निकायों में घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था लागू: विक्रमादित्य सिंह

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शिमला, 25 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बुधवार को शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के सभी शहरी निकायों में ठोस कचरे का उचित प्रबंधन करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह जानकारी विधायक भुवनेश्वर गौड़ के सवाल के जवाब में दी।

मंत्री ने बताया कि वर्तमान समय में प्रदेश में कुल 76 शहरी निकाय हैं। इनमें से 15 नगर पंचायतों का गठन दिसंबर 2024 में किया गया था, जबकि नगर पंचायत बीड़ा का गठन 10 मार्च 2026 को किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले से मौजूद 60 शहरी स्थानीय निकायों में घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था लागू की जा चुकी है। हालांकि सरकार का प्रयास है कि कचरे के प्रथक्करण (सेग्रीगेशन) का स्तर 100 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए।

उन्होंने बताया कि शहरी निकायों में कचरे के निस्तारण के लिए विभिन्न उपाय अपनाए जा रहे हैं। इसके तहत वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, बायोगैस प्लांट, कम्पोस्टिंग मशीनों और गौशालाओं के माध्यम से कचरे का निपटान किया जा रहा है, ताकि पर्यावरण पर इसका प्रभाव कम हो और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।

मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों और चालू वित्त वर्ष के दौरान स्वच्छ भारत मिशन-2 और 15वें वित्त आयोग के तहत शहरी निकायों को वित्तीय सहायता दी गई है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2023-24 में 1 लाख 50 हजार रुपये की राशि मिली थी, जिसे पूरी तरह खर्च कर लिया गया। वर्ष 2024-25 में 3 करोड़ 29 लाख 36 हजार रुपये प्राप्त हुए और यह राशि भी पूरी तरह खर्च कर दी गई। इसी तरह वर्ष 2025-26 में 5 करोड़ 23 लाख 55 हजार 556 रुपये मिले, जिन्हें भी खर्च किया जा चुका है।

इसके अलावा 15वें वित्त आयोग के तहत टाइड ग्रांट के रूप में वर्ष 2023-24 में 47 करोड़ 22 लाख 95 हजार रुपये प्राप्त हुए। वर्ष 2024-25 में 50 करोड़ 44 लाख 84 हजार 500 रुपये मिले, जिनमें से 35 करोड़ 52 लाख 94 हजार 264 रुपये खर्च किए गए। वहीं वर्ष 2025-26 में 52 करोड़ 63 लाख 88 हजार 500 रुपये की राशि प्राप्त हुई, जिनमें से अब तक 22 करोड़ 26 लाख 76 हजार रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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