हिमाचल को केंद्र की 1,500 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि का अभी तक एक पैसा नहीं मिला: जगत सिंह नेगी
शिमला, 24 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से प्रदेश के बाढ़ और वर्षा प्रभावित लोगों के लिए 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता राशि देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अभी तक राज्य को इसमें से एक पैसा भी नहीं मिला है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
राजस्व मंत्री ने बताया कि मानसून 2026 में आई प्राकृतिक आपदा के कारण शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के बोह में 4.79 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इससे 19 परिवार बेघर हो गए थे। इन परिवारों ने स्कूल में शरण ली थी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रभावित परिवारों को 26 लाख रुपये की राशि आवंटित की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है।
जगत सिंह नेगी ने बताया कि इस पैकेज के तहत जिन प्रभावित लोगों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें मकान बनाने के लिए आठ लाख रुपये दिए जाएंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने सोमवार को विधानसभा में विधायक मोहन लाल ब्राक्टा के सवाल के जवाब में बताया कि सरकार ने रोहड़ू में अंबेडकर भवन के पुनर्निर्माण के लिए 40 लाख रुपये खर्च करने की अनुमति दी है। यह राशि विधानसभा क्षेत्र रामपुर, कुमारसैन, चुराह और डलहौजी में अंबेडकर भवनों का निर्माण नहीं होने के कारण खर्च नहीं हो पाई थी।
मंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश कोली समाज खंड इकाई रोहड़ू की ओर से अंबेडकर भवन के निर्माण के लिए 43 लाख रुपये का प्राकलन प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने बताया कि भवन के ध्वस्तीकरण के बाद कुल राशि, जिसकी छूट विभाग की ओर से दी जानी है, उसके संबंध में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग रोहड़ू से विरोधाभासी सूचना मिली है।
कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि स्पष्ट और संशोधित सूचना मिलने के बाद प्राकलन को प्रशासनिक अनुमोदन और वित्तीय व्यय स्वीकृति के लिए सरकार के पास प्रस्तुत किया जाएगा।
विधानसभा में विधायक हरदीप सिंह बावा के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि ‘गुज्जर’ के स्थान पर ‘हिंदू गुज्जर’ लिखे जाने को लेकर अलग-अलग जिला और तहसील स्तर पर विसंगतियां पाई गई हैं। इस संबंध में सूचना एकत्र की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘गुज्जर’ के स्थान पर ‘हिंदू गुज्जर’ अंकित करने को लेकर सरकार ने कोई अधिसूचना जारी नहीं की है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

