हिमाचल विधानसभा सत्र के लिए सुरक्षा कड़ी, 750 पुलिस कर्मी तैनात, प्रवेश मार्गों पर बढ़ाई निगरानी

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हिमाचल विधानसभा सत्र के लिए सुरक्षा कड़ी, 750 पुलिस कर्मी तैनात, प्रवेश मार्गों पर बढ़ाई निगरानी


शिमला, 20 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार यानी 21 अगस्त से शुरू होगा। 3 सितंबर तक चलने वाले सत्र को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 750 पुलिस कर्मियों और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। विधानसभा परिसर के साथ शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों, होटलों और ठहरने के अन्य स्थानों पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है।

पुलिस ने विधानसभा परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से तीन मुख्य सेक्टरों में बांटा है। इन सेक्टरों को आगे अलग-अलग उप-सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक उप-सेक्टर की जिम्मेदारी एक राजपत्रित पुलिस अधिकारी को दी गई है। सभी सेक्टरों और उप-सेक्टरों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत अलग-अलग स्तर पर जांच और निगरानी की जा रही है।

सत्र के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को गुरुवार को दक्षिणी रेंज की पुलिस उपमहानिरीक्षक अंजुम आरा और शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को उनकी ड्यूटी, जिम्मेदारियों और सुरक्षा से जुड़े नियमों के बारे में बताया। उन्हें निर्देश दिए गए कि विधानसभा परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और हर स्थिति में जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाई जाए।

शहर में बाहर से आने वाले लोगों और वाहनों पर भी पुलिस की नजर रहेगी। शोघी, मेहली, मशोबरा-ढली बाईपास और तवी मोड़ सहित शिमला में प्रवेश करने वाले प्रमुख रास्तों पर जांच की जा रही है। पुलिस संदिग्ध गतिविधियों और संदिग्ध लोगों की आवाजाही पर नजर रख रही है। सत्र के दौरान इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को जरूरत के अनुसार और मजबूत किया जा सकता है।

पुलिस ने रात के समय भी जांच और गश्त बढ़ाई है। शिमला शहर के अलग-अलग होटलों, सरायों और ठहरने के अन्य स्थानों की जांच की जा रही है। पुलिस का खुफिया और आसूचना तंत्र भी सक्रिय रखा गया है। सुरक्षा से जुड़ी किसी संभावित चुनौती की जानकारी जुटाने के साथ उसका लगातार आकलन किया जा रहा है।

विधानसभा सत्र के दौरान यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए भी विशेष योजना लागू की गई है। प्रमुख सड़कों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर यातायात पुलिस की तैनाती की गई है। वाहनों की आवाजाही को देखते हुए जरूरत पड़ने पर यातायात को नियंत्रित किया जाएगा और कुछ मार्गों पर बदलाव भी किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि यातायात व्यवस्था को सामान्य रखने और लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह के अनुसार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सभी जरूरी तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य सत्र को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है। इसके साथ आम लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा के काम प्रभावित न हों, इस पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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