हिमाचल विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से, भाजपा विधायकों पर एफआईआर और जांच पर हंगामे के आसार

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हिमाचल विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से, भाजपा विधायकों पर एफआईआर और जांच पर हंगामे के आसार


हिमाचल विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से, भाजपा विधायकों पर एफआईआर और जांच पर हंगामे के आसार


शिमला, 21 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। पहले ही दिन सदन में सियासी गर्मी बढ़ने के आसार हैं। विपक्षी दल भाजपा ने सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दे तैयार किए हैं। इनमें भाजपा विधायकों और नेताओं के खिलाफ दर्ज मामले और चल रही जांच भी प्रमुख हैं। हाल के दिनों में भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और भरमौर से विधायक डॉ. जनक राज से जुड़े मामलों को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि सरकार राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है। सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है। ऐसे में सत्र के पहले दिन ही सदन में तीखी बहस और हंगामे की संभावना है। 14वीं विधानसभा का यह सत्र 3 सितंबर तक चलेगा और इसमें कुल 10 बैठकें होंगी।

पहले दिन दो पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि, फिर सवालों का दौर

सत्र की पहली बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। सबसे पहले पूर्व विधायक स्वर्गीय विजेंद्र सिंह और राम चंद भाटिया के निधन पर सदन में शोक प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके बाद प्रश्नकाल होगा। इस बार विधायकों ने सरकार से जवाब मांगने के लिए बड़ी संख्या में सवाल भेजे हैं। विधानसभा सचिवालय को कुल 1,036 प्रश्न मिले हैं। इनमें 787 तारांकित और 249 अतारांकित प्रश्न हैं। इन सवालों में आपदा राहत, स्कूलों के विलय, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और नशे की रोकथाम जैसे मुद्दे शामिल हैं। 27 अगस्त को गैर-सरकारी सदस्य कार्य दिवस रखा गया है। सत्र को लेकर दोनों दलों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है। ऐसे में सदन के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर सीधा टकराव देखने को मिल सकता है।

भाजपा एफआईआर और जांच के मुद्दे पर सरकार को घेरेगी

सत्र से पहले गुरुवार देर शाम भाजपा और कांग्रेस विधायक दल की अलग-अलग बैठकें हुईं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई। भाजपा का कहना है कि प्रदेश में विकास कार्य प्रभावित हैं और सरकार विधानसभा में कई मामलों की पूरी जानकारी नहीं देती। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि विधानसभा में जानकारी मांगने पर कई बार पूरा विवरण नहीं दिया जाता, जबकि वही जानकारी आरटीआई के जरिए मिल जाती है। उन्होंने भाजपा विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों और जांच को भी मुद्दा बनाने की बात कही। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने बताया कि कांग्रेस की ओर से वंदे मातरम के दो ही छंद गाने के निर्णय के विरोध में बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।

दूसरी ओर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सरकार का पक्ष रखने और सत्र के दौरान जनहित के मुद्दों पर जवाब देने की रणनीति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से सदन में मुद्दे उठाने और चर्चा में हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस बार पहली बार 10 दिन का सत्र रखा गया है और विपक्ष को हंगामे या वॉकआउट के बजाय सदन में अपनी बात रखनी चाहिए।

750 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा, विधानसभा के आसपास कड़ी निगरानी

मानसून सत्र को देखते हुए शिमला में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी कड़ी की गई है। पुलिस के अनुसार करीब 750 पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। विधानसभा परिसर और आसपास के इलाके को सुरक्षा की दृष्टि से तीन मुख्य सेक्टरों और कई उप-सेक्टरों में बांटा गया है। इन क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वाले लोगों तथा वाहनों की निगरानी के लिए बहुस्तरीय जांच व्यवस्था लागू की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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