हिमकेयर पर मुख्यमंत्री के तथ्य सही नहीं, योजना न हो बंद : जयराम ठाकुर

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हिमकेयर पर मुख्यमंत्री के तथ्य सही नहीं, योजना न हो बंद : जयराम ठाकुर


शिमला, 28 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शनिवार को स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के समय सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमकेयर योजना और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राज्य सरकार पर कई सवाल उठाए और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बयानों पर आपत्ति जताई।

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से हिमकेयर योजना को लेकर जो कुछ तथ्य सामने रखे गए हैं, वे सही नहीं हैं। उन्होंने विशेष रूप से “पुरुषों की बच्चेदानी के ऑपरेशन” से जुड़े बिलों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि संबंधित दवाओं का इस्तेमाल कैंसर के मरीजों के इलाज में किया जाता है। उन्होंने कहा कि जब इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि ये दवाएं कैंसर से पीड़ित मरीजों के उपचार में उपयोग की गई थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सलाहकार की ओर से दी जा रही जानकारी सही नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि हिमकेयर योजना में कहीं अनियमितता हुई है तो उसकी जांच करवाई जानी चाहिए, लेकिन योजना को बंद करने की दिशा में कदम उठाना सही नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि योजना में गड़बड़ी के आरोप लगाकर चिकित्सकों की छवि खराब करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेरचौक मेडिकल यूनिवर्सिटी के स्वरूप में बदलाव करने की कोशिश की जा रही है, जो ठीक नहीं है।

जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दो बड़े संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी शुरू करना समझ में आता है, लेकिन पांच स्थानों पर बिना पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं के इसे शुरू करना मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकता है। उन्होंने कोविड-19 के दौरान सेवाएं देने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाए जाने के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि इन कर्मचारियों ने कठिन समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसलिए उन्हें हटाना सही नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिस पैट-स्कैन मशीन को लगाने के लिए पिछली सरकार ने प्रयास किए थे, उसे लगाने में वर्तमान सरकार को करीब साढ़े तीन साल लग गए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि नए ट्रॉमा सेंटर के लिए आउटसोर्स एजेंसी को काम दिया गया, लेकिन वह अब तक पूरी तरह क्रियाशील नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों में डेढ़ साल से फर्नीचर खरीदने का काम पूरा नहीं हो पाया है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा स्वास्थ्य योजनाओं के लिए केंद्र से धन उपलब्ध कराने को तैयार हैं, लेकिन राज्य सरकार को उस धन का सही उपयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई योजनाओं के लिए केंद्र से पैसा मिल रहा है, लेकिन राज्य सरकार इसकी सराहना तक नहीं करती।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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