मुख्यमंत्री की पत्नी विधायक कमलेश ठाकुर ने सराहा सरकार का बजट

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मुख्यमंत्री की पत्नी विधायक कमलेश ठाकुर ने सराहा सरकार का बजट


शिमला, 25 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2026–27 के बजट अनुमानों पर जारी सामान्य चर्चा के दौरान बुधवार को देहरा से विधायक और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर ने पहली बार बजट पर चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह उनका सदन में बजट पर पहला भाषण है और नवरात्र का शुभ समय भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

कमलेश ठाकुर ने कहा कि पिछले वर्ष प्रदेश में आई भीषण बाढ़ के बावजूद सरकार ने इस बजट में महिलाओं, बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और बेसहारा लोगों का विशेष ध्यान रखा है। बजट में पेश किए गए आंकड़े बताते हैं कि सरकार ने समाज के हर वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया है और आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों को समझते हुए प्रावधान किए गए हैं।

कमलेश ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक राज्य सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई कदम उठाए हैं। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं तथा आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में हर बजट में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि इस बार आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1000-1000 रुपये की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की पेंशन 1700 रुपये से बढ़ाकर 3 हज़ार रुपये की गई है। उन्होंने एकल नारियों के लिए भी विशेष प्रावधान करने की मांग उठाई, ताकि उनका जीवन और अधिक सुरक्षित बन सके।

उन्होंने बजट में पात्र लोगों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने के प्रावधान का स्वागत किया और कहा कि इससे महिलाओं, युवाओं और किसानों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है, जिससे घरों में पशुपालन करने वाली महिलाओं और छोटे किसानों को भी फायदा होगा।

कमलेश ठाकुर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा आरडीजी बंद करने से प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ने के बावजूद प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान देते हुए बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री के प्रयासों की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीबीएसई स्कूल खोलने का निर्णय लोगों की मांग के अनुरूप लिया गया है, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। साथ ही सरकार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को भी मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के कई बच्चे अच्छे अंक लाने के बावजूद बाहर के विश्वविद्यालयों में दाखिले से वंचित रह जाते हैं, इसलिए शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है और इस दिशा में सरकार प्रयासरत है।

कमलेश ठाकुर ने कहा कि बजट में खेती-बाड़ी के लिए अलग प्रावधान किए गए हैं और अदरक, दूध तथा हल्दी के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने सरकार की बाड़बंदी योजना का भी स्वागत किया और कहा कि इससे लोग अपनी बंजर जमीन पर दोबारा खेती करने लगे हैं।

उन्होंने अनाथ बच्चों के लिए सरकार की “चिल्ड्रन ऑफ स्टेट” पहल की भी सराहना की और कहा कि इससे ऐसे बच्चों को सुरक्षा और सहारा मिलेगा।

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी कमलेश ठाकुर के बजट पर दिए गए पहले भाषण की सराहना की और उनके विचारों की प्रशंसा करते हुए इसे सकारात्मक और विषय आधारित बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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