शिमला की बंधित-प्रतिबंधित सड़कों पर बिना पास वाहन चलाने पर 10 हज़ार रुपये जुर्माने का प्रस्ताव, विधानसभा में संशोधन विधेयक पेश

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शिमला की बंधित-प्रतिबंधित सड़कों पर बिना पास वाहन चलाने पर 10 हज़ार रुपये जुर्माने का प्रस्ताव, विधानसभा में संशोधन विधेयक पेश


शिमला, 31 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में प्रतिबंधित और सील्ड सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए सरकार अब नियमों को पहले से कहीं ज्यादा सख्त करने जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने शिमला सड़क उपयोगकर्ता एवं पैदल यात्री (सार्वजनिक सुरक्षा एवं सुविधाएं) अधिनियम, 2007 में संशोधन के लिए 2026 का विधेयक मंगलवार को विधानसभा में पेश किया है। प्रस्तावित बदलावों के तहत बिना वैध पास प्रतिबंधित और सील्ड सड़कों पर वाहन चलाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

विधेयक के अनुसार यदि कोई वाहन चालक बिना पास रिस्ट्रिक्टेड रोड पर वाहन चलाता है तो उस पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। वहीं सील्ड रोड पर बिना पास वाहन चलाने की स्थिति में 10,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी रोक लगेगी और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी।

संशोधन प्रस्ताव में पास से जुड़ी फीस में भी कई गुना बढ़ोतरी की गई है। सील्ड रोड के लिए प्रोसेसिंग फीस 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव है, जबकि सालाना पास फीस 2,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने की तैयारी है। इसी तरह सील्ड रोड पर अस्थायी प्रवेश के लिए प्रतिदिन की फीस 200 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये करने का प्रावधान रखा गया है।

रिस्ट्रिक्टेड सड़कों के लिए भी नियम सख्त किए जा रहे हैं। इन सड़कों के लिए प्रोसेसिंग फीस 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये और सालाना पास फीस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा अस्थायी प्रवेश के लिए प्रतिदिन की फीस 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने की योजना है।

संशोधन विधेयक में एक और अहम बदलाव यह प्रस्तावित किया गया है कि अब पास जारी करने की प्रक्रिया डिप्टी कमिश्नर की जगह गृह विभाग के सचिव के अधीन लाई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और नियंत्रित तरीके से लागू की जा सकेगी।

इसके अलावा पास की शर्तों का उल्लंघन करने पर 2,000 रुपये तक जुर्माना या 10 दिन तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। अन्य नियम तोड़ने पर 3,000 रुपये तक जुर्माना या 15 दिन तक की सजा भी हो सकती है। हालांकि मौके पर चालान का निपटारा करने के लिए कंपाउंडिंग की सुविधा भी जारी रहेगी, जिसमें आधा जुर्माना देकर मामला वहीं समाप्त किया जा सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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