हिमाचल में 49 नगर निकायों का आरक्षण रोस्टर जारी, 16 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित
शिमला, 05 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया है, जबकि नगर निगमों का रोस्टर बाद में जारी किया जाएगा। इसी बीच पंचायत चुनावों की अधिसूचना भी अप्रैल के तीसरे हफ्ते के अंत तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार की ओर से नगर निकायों के आरक्षण रोस्टर को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के वार्डों के लिए आरक्षण व्यवस्था तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने फिलहाल 49 नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए आरक्षण रोस्टर जारी किया है। इनमें 16 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
जारी रोस्टर के अनुसार अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए 10 नगर निकाय आरक्षित किए गए हैं। इनमें से पांच सीटें एससी महिला वर्ग के लिए निर्धारित की गई हैं। एससी महिला वर्ग के लिए ऊना जिले का दौलतपुर, चंबा नगर परिषद, कुल्लू जिले का बंजार, बिलासपुर नगर परिषद और मंडी जिले का सुंदरनगर शामिल हैं। वहीं एससी वर्ग के अन्य आरक्षित निकायों में मेहतपुर बसदेहड़ा, नगरोटा बगवां, घुमारवीं, रोहडू और चिड़गांव शामिल किए गए हैं।
अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए इस बार केवल एक नगर निकाय आरक्षित किया गया है, जिसमें कांगड़ा जिले का शाहपुर शामिल है। इसके अलावा सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 11 नगर निकाय आरक्षित किए गए हैं। इनमें निरमंड, अर्की, ज्वालामुखी, कंडाघाट, संतोषगढ़, अंब, गगरेट, कुल्लू, नूरपुर, ठियोग और टाहलीवाल शामिल हैं। चार नगर निगमों का रोस्टर बाद में जारी किया जाएगा।
उधर पंचायत चुनावों को लेकर भी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश में पंचायत चुनावों की अधिसूचना अप्रैल के तीसरे हफ्ते के अंत तक जारी की जा सकती है। यह चुनाव तीन चरणों में करवाए जाने की संभावना है। राज्य सरकार को सात अप्रैल तक पंचायतों के लिए आरक्षण रोस्टर अंतिम रूप देना है। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।
इसके साथ ही मतदाता सूचियों को भी अपडेट किया जा रहा है। एक अप्रैल तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा रहे हैं। इस प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 19 से 20 दिन का समय लग सकता है। इसी कारण पंचायत चुनावों की अधिसूचना अप्रैल के तीसरे सप्ताह के अंत तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
अदालती आदेशों के मुताबिक भी सात अप्रैल तक पंचायत चुनावों से संबंधित आरक्षण रोस्टर को अंतिम रूप देना जरूरी है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है जिससे तय समयसीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। चुनावों की अधिसूचना जारी होने के बाद प्रदेश भर में आचार संहिता लागू होने की भी संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

