हिमाचल में टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहने वालों को 1500 रुपये में सालाना पास, नई व्यवस्था लागू

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हिमाचल में टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहने वालों को 1500 रुपये में सालाना पास, नई व्यवस्था लागू


शिमला, 04 नवंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों को अब कम खर्च में आवागमन की सुविधा मिलेगी। केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र वाहन मालिकों के लिए रियायती स्थानीय पास (कंसेशनल लोकल पास) की नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत संबंधित टोल प्लाजा के नगर निकाय या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर स्थित होने पर सालाना पास के लिए 1500 रुपये और इन सीमाओं के भीतर स्थित होने पर 3000 रुपये देने होंगे। यह व्यवस्था एक नवंबर से लागू हो गई है। हिमाचल प्रदेश सहित देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित पात्र टोल प्लाजा के लिए यह सुविधा उपलब्ध होगी।

इस सुविधा का लाभ उन लोगों को मिलेगा, जिनके पास गैर-व्यावसायिक उद्देश्य से पंजीकृत वाहन है और वे संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर की दूरी के भीतर रहते हैं। वाहन में वैध और चालू फास्टैग होना भी अनिवार्य है। नई व्यवस्था के तहत पात्र वाहन मालिक अपनी जरूरत के अनुसार पहले से उपलब्ध मासिक पास या रियायती सालाना स्थानीय पास में से किसी एक का विकल्प चुन सकते हैं। सालाना पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा, जिसके 20 किलोमीटर के दायरे में वाहन मालिक रहता है। इसका इस्तेमाल दूसरे टोल प्लाजा पर नहीं किया जा सकेगा।

इस नई व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है। जिन राष्ट्रीय राजमार्गों या एक्सप्रेसवे पर बंद उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह प्रणाली लागू है, वहां यह पास नहीं मिलेगा। इसके अलावा, यदि संबंधित टोल प्लाजा के लिए आने-जाने के रास्ते में सर्विस रोड या कोई वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है, तो ऐसे वाहन मालिक को रियायती स्थानीय पास जारी नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार हर साल एक अप्रैल को इस पास की दरों में संशोधन कर सकती है।

हिमाचल के छह टोल प्लाजा के आसपास रहने वालों को मिलेगा लाभ

एनएचएआई की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में कुल छह टोल प्लाजा हैं। इनमें शिमला-मटौर कॉरिडोर के राष्ट्रीय राजमार्ग-503 पर घट्टा टोल प्लाजा और परवाणू-शिमला कॉरिडोर पर सनवार टोल प्लाजा शामिल हैं। इसके अलावा कीरतपुर-मनाली कॉरिडोर पर मौरा, बलोह, टकोली और डोहलू नाला टोल प्लाजा स्थित हैं। इन संचालित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र वाहन मालिक नई व्यवस्था का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक टोल प्लाजा पर सर्विस रोड या वैकल्पिक सड़क की उपलब्धता और अन्य निर्धारित शर्तों के आधार पर पात्रता तय होगी।

360 रुपये का मासिक पास भी रहेगा विकल्प

रियायती सालाना स्थानीय पास के साथ पात्र वाहन मालिकों के पास 360 रुपये का मासिक पास लेने का विकल्प भी रहेगा। वे अपनी जरूरत के अनुसार दोनों में से किसी एक को चुन सकते हैं। सालाना स्थानीय पास की कीमत संबंधित टोल प्लाजा की स्थिति के आधार पर 1500 या 3000 रुपये होगी। यह राशि टोल प्लाजा के नगर निकाय या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा के भीतर अथवा बाहर स्थित होने के आधार पर तय होगी, न कि केवल वाहन मालिक के ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में रहने से।

3075 रुपये का फास्टैग वार्षिक पास अलग सुविधा

स्थानीय निवासियों के लिए शुरू किए गए रियायती पास से अलग एनएचएआई की वार्षिक फास्टैग पास सुविधा भी जारी है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसकी कीमत 3075 रुपये निर्धारित है। इस पास के जरिए पात्र निजी गैर-व्यावसायिक कार, जीप और वैन से राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर एक वर्ष या अधिकतम 200 बार गुजरने की सुविधा मिलती है। इनमें से जो शर्त पहले पूरी होगी, उसी के साथ पास की वैधता समाप्त हो जाएगी।

इस वार्षिक पास की सुविधा देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर लागू होती है। इसके लिए वाहन में वैध फास्टैग होना जरूरी है। पास का भुगतान राजमार्गयात्रा ऐप या एनएचएआई की वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है। भुगतान के बाद यह वाहन के मौजूदा फास्टैग से जुड़ जाता है।

इस तरह 1500 और 3000 रुपये वाला रियायती स्थानीय पास उन पात्र लोगों के लिए है, जो किसी विशेष टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं। वहीं, 3075 रुपये वाला वार्षिक फास्टैग पास राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले पात्र वाहन चालकों के लिए अलग सुविधा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Livevns.news Desk
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