तमरोह क्लस्टर में जापानी फल की दस्तकः एचपी शिवा परियोजना बनी सहारा

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तमरोह क्लस्टर में जापानी फल की दस्तकः एचपी शिवा परियोजना बनी सहारा


तमरोह क्लस्टर में जापानी फल की दस्तकः एचपी शिवा परियोजना बनी सहारा


मंडी, 11 जुलाई (हि.स.)। मंडी जिला के तमरोह क्लस्टर में एचपी शिवा प्रोजेक्ट के तहत लगभग 25 हेक्टेयर भूमि में जापानी फल की लोकप्रिय ‘फ्यू’ किस्म के करीब 15 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। अब तक क्लस्टर से कुल 76 बागवान जुड़ चुके हैं। परियोजना के अंतर्गत अब तक 12.500 हेक्टेयर भूमि पर 7,485 पौधे सफलतापूर्वक रोपित किए जा चुके हैं, जबकि शेष भूमि पर पौधारोपण कार्य शीतकालीन मौसम में किया जाएगा। पौधों के फल देना शुरू होने के बाद क्षेत्र के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। परियोजना के तहत सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए दो लाख लीटर तथा तीन लाख लीटर की क्षमता के (दो) फेब्रिकेटेड स्टोरेज टैंक स्थापित किए गए हैं। इससे पौधों को वर्षभर आवश्यक सिंचाई उपलब्ध करवाई जा सकेगी और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस पूरे क्लस्टर में सोलर फेंसिंग भी की जा चुकी है।

तमरोह क्लस्टर की सफलता में तकनीकी मार्गदर्शन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। गत मई, 2026 में एशियन विकास बैंक एडीबी की टीम के माध्यम से फिलीपींस और उत्तराखण्ड से डॉ. डेनिस लोपेज, डॉ. दिनेश गोंडे, डॉ.प्राची शर्मा, डॉ. ब्रांडो विशेषज्ञों की टीम ने क्लस्टर का दौरा किया। विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों, पौधों के वैज्ञानिक प्रबंधन, प्रूनिंग, सिंचाई और उत्पादन बढ़ाने के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान किसानों को सफल बागवानी मॉडलों से भी अवगत करवाया गया। परियोजना के अंतर्गत किसानों को पौधे, ड्रिप सिंचाई, फेंसिंग, तकनीकी प्रशिक्षण तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

विभागीय टीम नियमित रूप से क्लस्टर का दौरा कर पौधारोपण, सिंचाई प्रबंधन, पौधों की देखभाल, प्रूनिंग, पोषण प्रबंधन तथा रोग एवं कीट नियंत्रण संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, किसान गोष्ठियां और विशेषज्ञों के भ्रमण भी आयोजित किए जा रहे हैं ताकि बागवान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय अर्जित कर सकें।

उपनिदेशक बागवानी मंडी डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि एचपी शिवा परियोजना प्रदेश में बागवानी क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़ते हुए वैज्ञानिक ढंग से फल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। तमरोह क्लस्टर आने वाले वर्षों में केवल जापानी फल उत्पादन का केंद्र ही नहीं बनेगा, बल्कि यह प्रदेश में आधुनिक बागवानी आधारित ग्रामीण विकास का एक सफल मॉडल भी साबित हो सकता है। यदि यह प्रयास अपेक्षित परिणाम देता है तो बल्ह क्षेत्र तथा साथ लगते क्षेत्र की पहचान पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले जापानी फल उत्पादन के लिए भी होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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