हिमाचल प्रदेश में 26-27 सितंबर को आंधी-बारिश का अलर्ट, सात जिलों में चेतावनी

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हिमाचल प्रदेश में 26-27 सितंबर को आंधी-बारिश का अलर्ट, सात जिलों में चेतावनी


शिमला, 23 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बिजली चमकने और बारिश की चेतावनी दी है। 26 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 27 सितंबर को बिलासपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर में येलो अलर्ट रहेगा। 26 सितंबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की आशंका है। 27 सितंबर को अलर्ट वाले इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को राज्य में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी दी है। मौसम में ये बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से आएगा।

24 से 29 सितंबर तक बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 24 और 25 सितंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। 26 से 28 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। 27 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 29 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का अनुमान है। अगले तीन से चार दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। इससे प्रदेश में मौसम ठंडा होने की संभावना है। राज्य में पिछले कई दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर हैं और बुधवार को भी ज्यादातर हिस्सों में धूप खिली रही। इससे खासकर मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी और उमस महसूस की गई।

उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों से मानसून की विदाई

दक्षिण-पश्चिम मानसून बुधवार को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों, पूरी दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से आगे बढ़कर विदा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी की रेखा अब गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है। हिमाचल प्रदेश में भी मानसून विदाई के चरण में है। राज्य में मानसून 30 जून को पहुंचा था और सितंबर के दूसरे पखवाड़े में बारिश की गतिविधियां काफी कमजोर हुई हैं। हालांकि, मानसून की औपचारिक विदाई की घोषणा अभी बाकी है। इस बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में अगले कुछ दिनों के लिए मौसम में बदलाव की स्थिति बनी है। पिछले वर्ष हिमाचल में मानसून के दौरान सामान्य से लगभग 40 फीसदी अधिक बारिश हुई थी।

इस बार 10 फीसदी कम बारिश, 354 लोगों की मौत, नुकसान 3,219 करोड़

इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में अब तक सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। इसके बावजूद बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं का असर बना रहा। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार जून से अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 354 लोगों की मौत हुई है और 601 लोग घायल हुए हैं। चार लोग अभी लापता हैं। मृतकों में 211 की जान सड़क हादसों में गई, जबकि 143 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, डूबने, बहने, फिसलने और अन्य बारिश से जुड़ी घटनाओं में हुई। शिमला में सबसे अधिक 51 मौतें दर्ज हुई हैं। कांगड़ा में 45, चंबा में 43, सिरमौर में 39, कुल्लू में 33, मंडी में 32, लाहौल-स्पीति में 25, सोलन और ऊना में 24-24, किन्नौर में 19, हमीरपुर में 10 और बिलासपुर में नौ लोगों की मौत हुई है। मानसून के दौरान 160 घर, 18 दुकानें और 494 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि 521 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में अभी 48 सड़कें बंद हैं। इनमें मंडी की 20, कांगड़ा की 10, कुल्लू की आठ और सिरमौर की चार सड़कें शामिल हैं। मानसून से सड़कों और पुलों को हुए नुकसान के कारण लोक निर्माण विभाग को 2,744 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रदेश में मानसून से संबंधित कुल नुकसान 3,219 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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