हिमाचल में 110 मार्गों पर ड्रोन से पहुंचेगी डाक, 36 पर सेवा शुरू
शिमला, 09 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के दुर्गम गांवों तक डाक पहुंचाने में लगने वाला समय अब घंटों से घटकर मिनटों में सिमट रहा है। डाक विभाग ने प्रदेश में 110 कठिन मार्गों पर ड्रोन से डाक और पार्सल पहुंचाने की योजना बनाई है। इनमें 36 मार्गों पर सेवा शुरू हो चुकी है। पहले बस या पैदल डाक पहुंचाने में दो से तीन घंटे लगते थे, वहीं ड्रोन से यह दूरी पांच से दस मिनट में तय हो रही है। विभाग के अनुसार सुबह मुख्य डाकघर से भेजी गई डाक शाखा डाकघर पहुंचने के बाद एक से दो घंटे में गांवों में वितरित की जा सकती है।
विश्व डाक दिवस पर शुक्रवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जा रहा है। इस वर्ष इसकी थीम 'एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं' है। ड्रोन डिलीवरी की शुरुआत 13 अगस्त को मंडी प्रधान डाकघर से रेहरधार शाखा डाकघर तक की गई थी। हिमाचल और असम देश के दो डाक परिमंडल हैं, जहां यह सेवा शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि 30 सितंबर 2026 तक हिमाचल प्रदेश में 18 प्रधान डाकघर, 452 उप डाकघर और 2,327 शाखा डाकघर हैं। इनमें 2,684 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इस नेटवर्क का संचालन 2,485 विभागीय कर्मचारियों और 6,473 ग्रामीण डाक सेवकों सहित कुल 8,958 कर्मियों के माध्यम से किया जा रहा है। प्रत्येक डाकघर औसतन 2,454 लोगों और 19.90 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को सेवाएं देता है।
छह महीने में डाक से 12.18 करोड़ का राजस्व
संजय सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से सितंबर तक 20.69 लाख डाक वस्तुओं से 12.18 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। यह पिछले वर्ष की समान अवधि से 50 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान डाकघर बचत बैंक में 7,94,403 नए खाते खोले गए। डाक जीवन बीमा के तहत 41,943 नई पॉलिसियां जारी हुईं, जिनकी कुल बीमा राशि 1,730.65 करोड़ रुपये है। प्रदेश में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के 8.80 लाख खाते हैं।
डाक विभाग ने इस अवधि में 2,00,197 आधार नामांकन और अपडेट किए, जबकि डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों ने 25,632 आवेदनों का प्रसंस्करण किया। अब तक 177 डाक चौपाल शिविर लगाए गए हैं। डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए 35,743 मोबाइल बैंकिंग और 45,817 इंटरनेट बैंकिंग उपयोगकर्ता जोड़े गए हैं।
सरकारी विभागों की पांच सेवाएं डाक नेटवर्क से जुड़ीं
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के पांच विभागों की सेवाओं को डाक नेटवर्क से जोड़ा गया है। इनमें कृषि नमूनों का परिवहन, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बीसी सखी के रूप में जोड़ना, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और परीक्षा सामग्री का परिवहन शामिल है। विभाग ई-कॉमर्स पार्सल की डिलीवरी बढ़ाने और आधुनिक सुविधाओं वाले नेक्स्ट-जेन डाकघर विकसित करने पर भी काम कर रहा है।
राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत 12 अक्टूबर को डाक टिकटों और पत्र लेखन से जुड़ी गतिविधियां, 13 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन शिविर, 14 अक्टूबर को डाक एवं पार्सल संबंधी कार्यक्रम और 15 अक्टूबर को तकनीक व नवाचार पर प्रश्नोत्तरी, ड्रोन डिलीवरी पर चर्चा तथा पोस्टाथॉन आयोजित होंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

