हिमाचल की 1189 पंचायतों में दो घंटे में 20% मतदान, 101 वर्षीय बुजुर्ग ने परिवार की चार पीढ़ियों संग डाला वोट
शिमला, 30 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के मतदान के साथ शनिवार सुबह गांवों का लोकतंत्र एक बार फिर उत्सव में बदल गया। पहाड़ों पर सुबह से बरसते बादलों और कई इलाकों में खराब मौसम के बावजूद मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। मतदान शुरू होने के महज दो घंटे के भीतर सुबह नौ बजे तक प्रदेश की 1189 ग्राम पंचायतों में औसतन करीब 20 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
शिमला और सोलन सहित कई जिलों में सुबह से बादल बरसते रहे, लेकिन गांवों के लोग छाता लेकर मतदान केंद्रों तक पहुंचते नजर आए। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की लंबी कतारों ने यह संकेत दे दिया कि खराब मौसम भी ग्रामीण मतदाताओं के लोकतांत्रिक उत्साह को नहीं रोक पाया।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार सुबह नौ बजे तक सबसे अधिक 24 प्रतिशत मतदान सिरमौर जिले में दर्ज किया गया। इसके अलावा बिलासपुर में 19.57 प्रतिशत, चम्बा में 19.11 प्रतिशत, हमीरपुर में 19.85 प्रतिशत, कांगड़ा में 18.31 प्रतिशत, किन्नौर में 20.33 प्रतिशत, कुल्लू में 20.55 प्रतिशत, लाहौल-स्पीति में 17.35 प्रतिशत, मंडी में 18.04 प्रतिशत, शिमला में 20.25 प्रतिशत, सोलन में 19.89 प्रतिशत और ऊना में 19.76 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया।
सुबह सात बजे शुरू हुआ मतदान अपराह्न तीन बजे तक जारी रहेगा। मतदान समाप्त होने के बाद आज देर शाम से प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों के नतीजे घोषित किए जाएंगे। वहीं पंचायत समिति (बीडीसी) और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव परिणाम रविवार को घोषित होंगे।
इस बीच शिमला जिले की ग्राम पंचायत खड़ाहण से लोकतंत्र की एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सभी का ध्यान खींचा। यहां वार्ड नंबर-3 में एक ही परिवार की चार पीढ़ियां एक साथ मतदान करने पहुंचीं। परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य 101 वर्षीय पदम दास ने मतदान किया। उनके साथ 76 वर्षीय केवल राम, 47 वर्षीय महेंद्र सिंह और 24 वर्षीय दीपक मेहता ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। एक ही परिवार की चार पीढ़ियों का मतदान केंद्र तक पहुंचना ग्रामीण लोकतंत्र की जीवंतता और लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक बन गया।
प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं और शनिवार को अंतिम चरण का मतदान हो रहा है। इसके साथ ही हिमाचल की सभी 3754 ग्राम पंचायतों में चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। गांवों को अगले पांच वर्षों के लिए अपनी नई सरकार मिल जाएगी, जो स्थानीय विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े फैसलों की दिशा तय करेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। मतदान प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सकें।
पहले दो चरणों में भी मतदाताओं ने रिकॉर्ड उत्साह दिखाया था। पहले चरण में लगभग 79 प्रतिशत और दूसरे चरण में करीब 80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। ऐसे में निर्वाचन अधिकारियों को उम्मीद है कि मौसम की बाधाओं के बावजूद तीसरे चरण में भी मतदान प्रतिशत उल्लेखनीय रहेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

