हिमाचल पंचायत चुनाव : पहले चरण में 1293 पंचायतों में 78 फीसदी से ज्यादा मतदान, कुल्लू सबसे आगे, कुछ जगह चुनाव स्थगित

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हिमाचल पंचायत चुनाव : पहले चरण में 1293 पंचायतों में 78 फीसदी से ज्यादा मतदान, कुल्लू सबसे आगे, कुछ जगह चुनाव स्थगित


शिमला, 26 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव के पहले चरण में मंगलवार को 1,293 ग्राम पंचायतों में करीब 78 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक शाम साढ़े छह बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 18 लाख 22 हजार 636 मतदाताओं में से 14 लाख 25 हजार 338 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। आयोग ने कहा है कि यह अंतिम आंकड़ा नहीं है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मतदान प्रतिशत में और बढ़ोतरी हो सकती है।

इस बार का मतदान प्रतिशत वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव के पहले चरण के मतदान से भी अधिक रहा। वर्ष 2021 में पहले चरण में 1,228 ग्राम पंचायतों में करीब 77 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि इस बार यह आंकड़ा 78 फीसदी तक पहुंच गया। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसे ग्रामीण इलाकों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति बढ़ती भागीदारी का संकेत माना है।

पहले चरण में सबसे ज्यादा मतदान कुल्लू जिला में दर्ज किया गया, जहां करीब 84 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। वहीं लाहौल-स्पीति जिला में सबसे कम करीब 69 फीसदी मतदान हुआ। महिलाओं की भागीदारी भी इस बार खास रही। कुल्लू जिला में महिला मतदान प्रतिशत सबसे ज्यादा करीब 85 फीसदी दर्ज किया गया। आयोग के अनुसार प्रदेश के 10 जिलों में महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा, जिसे महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी और सशक्तिकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।

जिलावार आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर में 77 फीसदी, चंबा में 79 फीसदी, हमीरपुर में 73 फीसदी, कांगड़ा में 75 फीसदी, किन्नौर में 72 फीसदी, कुल्लू में 84 फीसदी, लाहौल-स्पीति में 69 फीसदी, मंडी में 79 फीसदी, शिमला में 80 फीसदी, सिरमौर में 82 फीसदी, सोलन में 81 फीसदी और ऊना में 79 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। सिरमौर जिला के विकास खंड कमरऊ की ग्राम पंचायत कुनैर-धमौन के तिलोरधार में सबसे ज्यादा करीब 97 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया।

मतदान के दौरान कुछ जगहों पर चुनाव प्रक्रिया प्रभावित भी हुई। जिला चंबा के विकास खंड चंबा की ग्राम पंचायत चंबी के वार्ड नंबर-3 डीला में वार्ड सदस्य पद के एक उम्मीदवार की मृत्यु के बाद चुनाव रद्द कर दिया गया। वहीं मंडी जिला के करसोग क्षेत्र में पंचायत समिति वार्ड नंबर-12 मेंहडी में थाच-थर्मी और परलोग पंचायतों के लिए मतदान स्थगित करना पड़ा। आयोग के अनुसार मतपत्र में एक उम्मीदवार का नाम छूट गया था। अब इस वार्ड में 28 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा।

इसके अलावा शिमला जिला के रामपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत नरैन के वार्ड नंबर-1 ब्रांदली-1 में मतदान के दौरान स्वास्तिक चिन्ह वाली स्टाम्प की जगह नोटा मार्क स्टाम्प का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद आयोग ने वहां का चुनाव भी स्थगित कर दिया। इस वार्ड में अब 30 मई को दोबारा मतदान होगा।

राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि प्रधान, उप-प्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना जारी है और इनके परिणाम देर शाम तक आने की संभावना है। वहीं 250 जिला परिषद वार्डों और 1,684 पंचायत समिति वार्डों के लिए मतगणना 31 मई को होगी और परिणाम भी उसी दिन घोषित किए जाएंगे। आयोग ने कहा है कि पूरे प्रदेश में मतदान प्रक्रिया सामान्य रूप से शांतिपूर्ण रही और चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस कर्मियों, चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों और मतदाताओं का आभार जताया गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं के 31 हजार 182 पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई थी। इनमें 3,754 प्रधान, 3,754 उप-प्रधान, 21,654 ग्राम पंचायत सदस्य, 1,769 पंचायत समिति सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। चुनाव अधिसूचना 29 अप्रैल 2026 को जारी की गई थी। नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुल 86 हजार 204 उम्मीदवारों ने पर्चे भरे थे। जांच के दौरान 742 नामांकन पत्र खारिज किए गए। नाम वापसी के बाद 10 हजार 854 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए। इनमें 176 प्रधान, 286 उप-प्रधान, 10,307 ग्राम पंचायत सदस्य और 85 पंचायत समिति सदस्य शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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