हिमाचल में पंचायत चुनावों से पहले थमेगा चुनावी शोर, दो दिन बंद रहेंगे शराब के ठेके
शिमला, 23 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव अब निर्णायक दौर में पहुंच गए हैं। गांव-गांव में पिछले कई दिनों से चल रहा चुनाव प्रचार अब थमने वाला है और मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनने की तैयारी में जुट गए हैं। प्रदेश की 1293 पंचायतों में 26 मई को पहले चरण का मतदान होना है। इसे देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार जिन पंचायत क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान होना है वहां आने वाले सभी शराब के ठेके रविवार शाम तीन बजे से बंद कर दिए जाएंगे। ये ठेके 26 मई को मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दोबारा खुल सकेंगे। यानी इन इलाकों में करीब दो दिनों तक शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव को निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए लिया गया है।
इसके साथ ही रविवार शाम तीन बजे से चुनाव प्रचार भी पूरी तरह बंद हो जाएगा। इसके बाद उम्मीदवार न तो जनसभाएं कर सकेंगे और न ही लाउडस्पीकर या अन्य माध्यमों से प्रचार कर पाएंगे। हालांकि प्रत्याशी घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि आदर्श आचार संहिता और चुनाव संबंधी आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों में प्रशासन और पुलिस को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मतदान से पहले किसी भी तरह की अव्यवस्था पैदा न हो।
पंचायत चुनावों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार खासा उत्साह देखा जा रहा है। गांवों की छोटी सरकार चुनने के लिए लोग सक्रिय रूप से चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं। प्रदेश में इस बार 3754 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इनमें प्रधान और उपप्रधान के 3754-3754 पदों के अलावा 21,654 पंचायत सदस्य, 1769 पंचायत समिति सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे।
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी मुकाबला और रोचक हो गया है। प्रदेश भर में कुल 31,182 पदों के लिए चुनाव होना है, जिनके लिए 70,224 उम्मीदवार मैदान में हैं। हालांकि कई जगह मुकाबला मतदान से पहले ही खत्म हो गया। राज्य में 131 पंचायतें पहले ही निर्विरोध चुनी गईं हैं। वहीं, 10,854 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इनमें 10,307 पंचायत वार्ड सदस्य, 286 उपप्रधान, 176 प्रधान और 85 पंचायत समिति सदस्य शामिल हैं।
अब बाकी पदों के लिए 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में मतदान कराया जाएगा। पंचायत चुनावों के चलते पूरे प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और अब लोगों की नजरें पहले चरण के मतदान पर टिकी हुई हैं, जहां मतदाता अपने गांव की नई सरकार चुनेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

