हिमाचल में मानसून की बारिश सामान्य से 8 फीसदी कम, 1108 करोड़ का नुकसान

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हिमाचल में मानसून की बारिश सामान्य से 8 फीसदी कम, 1108 करोड़ का नुकसान


शिमला, 21 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रही है, लेकिन कम बारिश के बावजूद प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 30 जून को प्रदेश में पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तक सामान्य से आठ फीसदी कम बरसा है। वहीं, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मानसून के दौरान बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 219 लोगों की मौत हुई है और कुल नुकसान 1108 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून सीजन के दौरान 1 1 जून से 21 अगस्त तक छह जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि पांच जिलों में सामान्य से अधिक और एक जिले में सामान्य बारिश दर्ज की गई है। कुल्लू में मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान रहा। यहां सामान्य से 24 फीसदी अधिक बारिश हुई है। शिमला में सामान्य से 18 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। जनजातीय जिला किन्नौर में भी सामान्य से पांच फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। चंबा और सिरमौर में सामान्य से दो-दो फीसदी अधिक बारिश हुई है।

इसके उलट लाहौल-स्पीति में मानसून की बारिश सामान्य से 53 फीसदी कम रही। हमीरपुर में सामान्य से 35 फीसदी कम बारिश हुई है। मंडी में 22 फीसदी, सोलन में 11 फीसदी और ऊना में एक फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा भी सामान्य से कम बारिश वाले जिलों में शामिल है। बिलासपुर में बारिश सामान्य रही है।

अगस्त में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। मौसम विभाग के अनुसार एक से 21 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश हुई है। इस दौरान बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में सामान्य से अधिक बारिश हुई, जबकि चंबा, हमीरपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, मंडी, सोलन और ऊना में बारिश सामान्य से कम रही।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून अभी प्रदेश में सक्रिय है। शुक्रवार को राजधानी शिमला समेत कई हिस्सों में बादल छाए हैं। प्रदेश के कुछ हिस्सों में शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद मानसून के कमजोर पड़ने के आसार हैं। 23 से 27 अगस्त तक प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, लेकिन इस अवधि के लिए कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है। प्रदेश से मानसून की विदाई आमतौर पर सितंबर के अंत में होती है।

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बीते 24 घंटों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। सिरमौर के नाहन में 14 मिलीमीटर, पांवटा साहिब में 12 मिलीमीटर, बिलासपुर के ओलिंडा में नौ मिलीमीटर और मंडी के बाग्गी में सात मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

कम बारिश के बावजूद मानसून ने प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार मानसून अवधि में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 219 लोगों की मौत हुई है। 330 लोग घायल हुए हैं, जबकि तीन लोग अभी लापता हैं।

बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं में 86 घर पूरी तरह ढह गए हैं और 344 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 15 दुकानें और 312 पशुशालाएं भी ध्वस्त हुई हैं। इस दौरान 435 पशुओं की मौत हुई है। राज्य में अब तक भारी बारिश से 1108 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।

बारिश के कारण सड़क और दूसरी जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में भूस्खलन के कारण 128 सड़कें बंद हैं। इन्हें खोलने का काम जारी है। इसके अलावा 52 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं और 18 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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