हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने पर जोर, उपकरण खरीद प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
शिमला, 05 फ़रवरी (हि.स.)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि लोगों को अपने घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यह बात गुरूवार को हिमाचल प्रदेश मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीएमएससीएल) की स्पेशल हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई है और करीब 1,110 करोड़ रुपये खर्च कर स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, ट्रॉमा सेंटर, कैंसर डे केयर केंद्र, चिकित्सा महाविद्यालयों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों सहित पूरे राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) के सहयोग से भी स्वास्थ्य क्षेत्र को और मजबूत किया जा रहा है। इसके पहले चरण में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए 1,710 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि दूसरे चरण में स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए 1,617 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है।
डॉ. शांडिल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण खरीद सुनिश्चित करने में एचपीएमएससीएल की महत्वपूर्ण भूमिका है और अधिकारियों को चिकित्सा उपकरणों तथा सामग्री की निविदा और खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में नैदानिक सेवाओं को मजबूत करने और उन्नत चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर विशेष जोर दिया गया, जिनमें लैप्रोस्कोपिक सर्जरी सेट, शल्य चिकित्सा उपकरण, एफईएसएस एंडोस्कोपी यूनिट, मल्टीपैरा मॉनिटर और अन्य आधुनिक उपकरण शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना का आधुनिकीकरण कर रही है और इसके लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है। सरकार का प्रयास है कि लोगों को अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं राज्य के भीतर ही मिलें, ताकि इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम हो और लोगों के समय तथा धन दोनों की बचत हो।
बैठक के दौरान ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयों के लिए बायोमेडिकल उपकरणों की खरीद, 13 सिंगल पंचर लैप्रोस्कोप की आपूर्ति तथा हमीरपुर, टांडा चिकित्सा महाविद्यालय और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशलिटी आयुर्विज्ञान चमियाना में ट्रैक आधारित एकीकृत लैब ऑटोमेशन सिस्टम की स्थापना से संबंधित निविदा दस्तावेजों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग और एचपीएमएससीएल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

