करूणामूलक रोजगार नीति में बदलाव पर विचार करेगी सरकार : मुख्यमंत्री सुक्खू

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करूणामूलक रोजगार नीति में बदलाव पर विचार करेगी सरकार : मुख्यमंत्री सुक्खू


करूणामूलक रोजगार नीति में बदलाव पर विचार करेगी सरकार : मुख्यमंत्री सुक्खू


शिमला, 2 दिसंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के तपोवन में चल रहे शीतकालीन सत्र में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान करूणामूलक रोजगार का मुद्दा छाया रहा। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विपक्षी सदस्य दीप राज के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार करूणामूलक आधार पर रोजगार देने की नीति में बदलाव करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अनुकंपा के आधार पर रोजगार के लिए वार्षिक आय सीमा ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दी है, ताकि अधिक पात्र युवाओं को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि नीतियों में समय-समय पर बदलाव किए जाते हैं और यदि आवश्यकता महसूस हुई तो सरकार इसे आगे भी संशोधित करेगी।

इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार से पूछा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में कितने लोगों को अनुकंपा के आधार पर रोजगार दिया गया है और इसकी तुलना पूर्व भाजपा सरकार के पांच वर्षों के आंकड़ों से की जाए। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय अनुकंपा के आधार पर सर्वाधिक रोजगार प्रदान किए गए थे। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में अनुकंपा रोजगार की आयु सीमा में वृद्धि की गई थी या नहीं।

प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास किया। विपक्ष के सदस्यों जीत राम कटवाल और जयराम ठाकुर ने सरकार से कांग्रेस शासन के तीन वर्षों में दिए गए रोजगार के विस्तृत आंकड़े सदन में पेश करने की मांग की। इसके जवाब में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि आंकड़ों को एकत्र किया जा रहा है और जल्द ही सदन के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में सरकार आगामी किसी भी सत्र में रोजगार से संबंधित सभी आंकड़े उपलब्ध करवाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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