हिमाचल में 2003 से पहले भर्ती कर्मचारियों को ओपीएस चुनने का एक और मौका, 31 अक्टूबर तक देना होगा विकल्प

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हिमाचल में 2003 से पहले भर्ती कर्मचारियों को ओपीएस चुनने का एक और मौका, 31 अक्टूबर तक देना होगा विकल्प


शिमला, 25 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने उन सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में शामिल होने का एक और अवसर दिया है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया 15 मई 2003 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के लिए शुरू हो गई थी, लेकिन नियुक्ति बाद में होने के कारण वे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के दायरे में आ गए थे। ऐसे पात्र कर्मचारी अब 31 अक्टूबर 2026 तक ओपीएस का विकल्प दे सकेंगे।

वित्त (पेंशन) विभाग ने 9 जुलाई 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन में इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

आदेश के अनुसार पात्र कर्मचारियों को केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के तहत आने के लिए एकमुश्त विकल्प दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारी की ओर से दिया गया विकल्प अंतिम होगा और इसके बाद बदलाव का कोई अवसर नहीं मिलेगा।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में एक अप्रैल 2023 से पुरानी पेंशन योजना बहाल की थी। इसके बाद 15 मई 2003 से 31 मार्च 2023 के बीच नियुक्त कर्मचारियों को ओपीएस या एनपीएस में से किसी एक योजना का चयन करने का मौका दिया गया था। इसके बाद कई कर्मचारी संगठनों की ओर से मांग उठाई जा रही थी कि जिन पदों के लिए भर्ती विज्ञापन 15 मई 2003 से पहले जारी हुआ था, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने के कारण कर्मचारी एनपीएस में आ गए, उन्हें भी पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।

सरकार ने इन मांगों और भारत सरकार की ओर से 3 मार्च 2023 को जारी कार्यालय ज्ञापन का अध्ययन करने के बाद यह फैसला लिया है।

नए आदेश के तहत ऐसे सभी राज्य कर्मचारी, जिनकी नियुक्ति 15 मई 2003 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के आधार पर हुई है, उन्हें ओपीएस में आने का विकल्प मिलेगा।

विकल्प देने के बाद संबंधित विभाग कर्मचारी के मामले की जांच करेगा कि वह निर्धारित शर्तों को पूरा करता है या नहीं। पात्र पाए जाने वाले कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2026 तक पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने के आदेश जारी किए जाएंगे। यदि कोई कर्मचारी तय समय सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक विकल्प नहीं देता है तो वह पहले चुनी गई पेंशन व्यवस्था में ही बना रहेगा।

सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि ओपीएस में शामिल किए जाने वाले कर्मचारियों के एनपीएस खाते 28 फरवरी 2027 तक बंद कर दिए जाएंगे। ऐसे कर्मचारियों को सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) की सदस्यता भी लेनी होगी, यदि उन्होंने पहले से सदस्यता नहीं ली है।

वित्त विभाग ने एनपीएस खाते में जमा राशि के समायोजन की प्रक्रिया भी तय की है। कर्मचारी के वेतन से जमा किए गए अंशदान को ब्याज सहित उसके जीपीएफ खाते में स्थानांतरित किया जाएगा।

वहीं सरकार के अंशदान और निवेश से प्राप्त लाभांश का समायोजन निर्धारित सरकारी खातों में किया जाएगा।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने 15 मई 2003 से नई नियुक्तियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी थी। इसके बाद 17 अगस्त 2006 की अधिसूचना के माध्यम से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली लागू की गई थी। वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने ओपीएस को फिर से बहाल किया और एनपीएस के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को दोनों योजनाओं में से एक का विकल्प दिया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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