हिमाचल में आठ डॉक्टरों की नियुक्ति, दो साल जॉब ट्रेनी के तौर पर देंगे सेवाएं

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शिमला, 08 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आठ डॉक्टरों की नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी डॉक्टरों को फिलहाल जॉब ट्रेनी के तौर पर नियुक्त किया गया है। इन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के फंड से हर महीने 34 हजार रुपये का एकमुश्त मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ नियमानुसार अन्य इंसेंटिव भी देय होंगे।

अधिसूचना के अनुसार जॉब ट्रेनी के रूप में इन डॉक्टरों का कार्यकाल दो साल का होगा। दो साल की सेवा सफलतापूर्वक पूरी करने और निर्धारित विभागीय परीक्षा या एफिशिएंसी बार टेस्ट पास करने के बाद ही वे नियमित वेतनमान के लिए पात्र होंगे। विभाग ने सभी नवनियुक्त डॉक्टरों को जनहित में तुरंत प्रभाव से अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं।

आदेश के अनुसार डॉ. शिवानी शर्मा (हमीरपुर )को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बप्यार, जिला बिलासपुर में तैनाती दी गई है। डॉ. आशंसिता सूद (पालमपुर) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझीण, जिला कांगड़ा भेजा गया है। डॉ. सुरभि जसवाल (ऊना) को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेरी (जिला बिलासपुर) में नियुक्त किया गया है।

डॉ. नवीन तंवर (चौपाल) को सिविल अस्पताल नेरवा जिला शिमला में तैनाती मिली है। डॉ. सौम्या (बिलासपुर) को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धनेड़ जिला हमीरपुर में सेवाएं देनी होंगी। डॉ. अभिनव शर्मा (जोगिंद्र नगर) को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरला जिला मंडी में नियुक्त किया गया है। डॉ. अभिलव (नूरपुर) को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पुरथी जिला चंबा में तैनाती दी गई है। डॉ. हिमांशु वर्मा (जोगिंद्र नगर) को ओपन एयर जेल धर्मशाला में प्रतिनियुक्ति के आधार पर तैनात किया गया है।

अधिसूचना में जॉब ट्रेनी डॉक्टरों को मिलने वाली छुट्टियों का प्रावधान भी किया गया है। उन्हें एक कैलेंडर वर्ष में दो आकस्मिक अवकाश, 10 मेडिकल लीव और पांच विशेष छुट्टियां मिलेंगी। महिला डॉक्टरों को, जिनके दो से कम जीवित बच्चे हैं, 180 दिन का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। गर्भपात आदि की स्थिति में 45 दिन की अतिरिक्त छुट्टी का प्रावधान भी किया गया है।

विभाग ने सभी नवनियुक्त डॉक्टरों के लिए जॉइनिंग की समय सीमा भी तय की है। उन्हें अगले पांच दिनों के भीतर संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाना होगा। इसके बाद निर्धारित एग्रीमेंट साइन कर अपनी ड्यूटी जॉइन करनी होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई डॉक्टर तय समय सीमा के भीतर जॉइनिंग रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसकी नियुक्ति स्वतः रद्द मानी जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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