हिमाचल की उधारी सीमा तीन से बढ़ाकर चार प्रतिशत करने की सुक्खू ने मांगी अनुमति

WhatsApp Channel Join Now
हिमाचल की उधारी सीमा तीन से बढ़ाकर चार प्रतिशत करने की सुक्खू ने मांगी अनुमति


हिमाचल की उधारी सीमा तीन से बढ़ाकर चार प्रतिशत करने की सुक्खू ने मांगी अनुमति


नई दिल्ली/शिमला, 08 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश की वित्तीय चुनौतियों के बीच राज्य की उधार लेने की सीमा सकल राज्य घरेलू उत्पाद के मौजूदा तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत करने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर राज्य की वित्तीय स्थिति और केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक सहायता की जरूरत को लेकर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उधारी सीमा में एक प्रतिशत की अतिरिक्त गुंजाइश मिलने से राज्य सरकार अपनी प्रतिबद्ध देनदारियों को पूरा करने के साथ आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं और विकासात्मक प्राथमिकताओं के लिए संसाधन जुटा सकेगी। उन्होंने हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण बढ़े वित्तीय दबाव का हवाला देते हुए केंद्र से उदार सहायता का आग्रह किया।

सुक्खू ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 से राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के कारण हिमाचल को करीब 8,000 करोड़ रुपये के वार्षिक वित्तीय अंतर का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्षों में राजस्व घाटा अनुदान में लगातार कमी से राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव और बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक आपदाओं की अधिक संवेदनशीलता तथा आधारभूत ढांचे के निर्माण और रखरखाव की अधिक लागत के कारण सार्वजनिक सेवाओं का संचालन महंगा है। ऐसे में राज्य की वित्तीय जरूरतों का आकलन उसकी विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

उन्होंने पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत आपूर्ति एवं विक्रेता भुगतान को एसएनए-स्पर्श मॉडल से छूट देने की मांग भी की। इसके अलावा बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के आवंटन में वृद्धि तथा इस मद के तहत सहायता को दोगुना करने का आग्रह किया।

सुक्खू ने राज्य सरकार द्वारा वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की राज्य की पहल का भी उल्लेख किया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि हिमाचल की वित्तीय आवश्यकताओं और विकास प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने विशेष केंद्रीय सहायता के तहत अतिरिक्त वित्तीय सहयोग पर भी विचार का आश्वासन दिया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

Share this story