हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनगणना के द्वितीय चरण का शुभारंभ
शिमला, 01 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनगणना के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना का कार्य 01 सितंबर से प्रारंभ हो चुका है। यह महत्वपूर्ण चरण प्रदेश के सभी चिन्हित हिमाच्छादित क्षेत्रों में 30 सितंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस अवधि के दौरान प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना से संबंधित आंकड़े एकत्र करेंगे।
भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस चरण में प्रदेश के पूर्ण एवं आंशिक बर्फबारी वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें जिला शिमला, किन्नौर तथा लाहौल-स्पीति पूरी तरह से हिमाच्छादित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जबकि चंबा, कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिले आंशिक रूप से हिमाच्छादित क्षेत्र की श्रेणी में शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए समयबद्ध रूप से जनसंख्या गणना का कार्य पूरा किया जाएगा। इस गणना प्रक्रिया के तहत प्रगणक घर-घर जाकर आधिकारिक रूप से राजपत्र में प्रकाशित 40 प्रश्न पूछेंगे।
उल्लेखनीय है कि 17 से 31 अगस्त तक हिमाच्छादित क्षेत्रों के निवासियों को 'स्व-गणना' की डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। जनगणना कार्य निदेशालय , हिमाचल प्रदेश ने उन परिवारों से आग्रह किया है कि जिन्होंने स्व-गणना पूरी कर ली है, वे प्रगणक के आने पर अपनी 'स्व-गणना आई. डी.' अवश्य साझा करें। यदि किसी कारणवश स्व-गणना नहीं की गई है, तो भी प्रगणक घर घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे।
सभी हिमाच्छादित क्षेत्रों के निवासियों से यह भी अपील है कि वे घर आए प्रगणक का सहयोग करें और पूर्ण व सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

