पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग, हिमाचल में बैंक हड़ताल से कामकाज प्रभावित
शिमला, 11 सितंबर (हि.स.)। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर हुई हड़ताल का शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में असर देखने को मिला। शिमला में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने डीसी ऑफिस चौक पर धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया।
यूएफबीयू हिमाचल के अनुसार शिमला में आयोजित धरने में 300 से अधिक बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। विभिन्न बैंकों और बैंक कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। यूनियन नेताओं ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने का समझौता होने के बावजूद इस पर अब तक निर्णय नहीं हुआ है। इससे बैंक कर्मचारियों में नाराजगी है।
यूएफबीयू हिमाचल के राज्य संयोजक नरेंद्र शर्मा ने कहा कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक यूनियनों के बीच मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और नौवें संयुक्त नोट में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी थी। इसके बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया, लेकिन दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी इसी मांग को लेकर लगातार सरकार से निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
यूनियन नेताओं ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं का बड़ा हिस्सा अब डिजिटल माध्यमों से उपलब्ध है। एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई जैसी सुविधाएं ग्राहकों को लगातार मिल रही हैं। उनका कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से ग्राहकों को मिलने वाली बैंकिंग सुविधाओं पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। मार्च 2024 के समझौते में शनिवार को अवकाश के बदले रोजाना काम के समय में 40 मिनट की बढ़ोतरी पर सहमति होने की बात भी यूनियन ने कही है।
हिमाचल के बैंक कर्मचारी वित्तीय सेवा विभाग की नई प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन यानी पीएलआई व्यवस्था का भी विरोध कर रहे हैं। यूनियन का आरोप है कि इस व्यवस्था में अलग-अलग श्रेणी के बैंक कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि में बड़ा अंतर रखा गया है। यूनियन ने इस व्यवस्था में बदलाव और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों पर बातचीत की मांग की है।
शिमला में हुए धरने में यूएफबीयू राज्य संयोजक नरेंद्र शर्मा के अलावा एआईबीओसी के राज्य अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य सचिव खेम राज वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, आयोजन सचिव सिद्धार्थ जारेट, एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष दीपक कुमार, एनसीबीई के राज्य सचिव अंकुश मेहता, सीबीओए के राज्य सचिव मनीष मच्छान और एआईबीईए के अध्यक्ष अमर चंद सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। एसबीआई ऑफिसर्स पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि दीपक शर्मा और यू.एस. नेगी ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि लंबित मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन फिर बैंक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का आह्वान किया गया है। यूनियन नेताओं ने सरकार और बैंक प्रबंधन से बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान करने की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

