हंगामेदार रहेगा हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण, 18 से होगी शुरुआत

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हंगामेदार रहेगा हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण, 18 से होगी शुरुआत


शिमला, 15 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण 18 मार्च से शुरू होने जा रहा है और इसके हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार विधायकों की ओर से बड़ी संख्या में सवाल लगाए गए हैं, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सदन में कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

विधानसभा सचिवालय को अब तक करीब 800 प्रश्न मिल चुके हैं। इनमें अधिकतर सवाल सड़कों, पेयजल, बिजली, विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की स्थिति से जुड़े हैं। विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास कार्यों की प्रगति को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे। कई विधायकों ने सड़क निर्माण, पेयजल योजनाओं की धीमी रफ्तार, बिजली व्यवस्था और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर प्रश्न लगाए हैं।

हालांकि इस बार बजट सत्र का दूसरा चरण केवल सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रहने वाला। राजनीतिक तौर पर भी सदन का माहौल गर्म रहने की संभावना है। विपक्ष पहले से ही कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर चुका है। भाजपा की ओर से प्रदेश में बढ़ते ड्रग्स के मामलों, कानून-व्यवस्था की स्थिति, बढ़ते कर्ज़ और राज्य की खराब माली हालत को प्रमुख मुद्दा बनाया जा सकता है। इसके साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित देनदारियों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगे जाने की संभावना है।

दूसरी ओर सत्तापक्ष भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार है। कांग्रेस सरकार की ओर से केंद्र सरकार पर हिमाचल की उपेक्षा का मुद्दा उठाया जा सकता है। खासकर राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने का मामला सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। सरकार का कहना है कि आरडीजी बंद होने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ा है।

21 मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश करेंगे। यह उनके कार्यकाल का चौथा बजट होगा। आरडीजी पूरी तरह बंद होने और राज्य की आर्थिक चुनौतियों के बीच पेश होने वाला यह बजट इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सबकी नजर इस बात पर होगी कि सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद आम लोगों के लिए क्या घोषणाएं करती है।

राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से यह बजट अहम माना जा रहा है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री चुनाव के समय दी गई कुछ प्रमुख गारंटियों को लेकर भी बजट में संकेत दे सकते हैं। इनमें 300 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं को लेकर भी लोगों की निगाहें टिकी रहेंगी।

बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल और बजट पर चर्चा में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जाएंगे। सत्र के पहले चरण में 16, 17 और 18 फरवरी को तीन बैठकें हुई थीं, जिसके बाद लंबा अंतराल रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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