हिमाचल : हमीरपुर, देहरा और नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव में होगी सुक्खू सरकार की अग्निपरीक्षा

हिमाचल : हमीरपुर, देहरा और नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव में होगी सुक्खू सरकार की अग्निपरीक्षा
हिमाचल : हमीरपुर, देहरा और नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव में होगी सुक्खू सरकार की अग्निपरीक्षा




शिमला, 11 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की तीन सीटों पर होने वाले उपचुनाव में एक बार फिर सत्ताधारी कांग्रेस की अग्निपरीक्षा होगी। हमीरपुर, देहरा और नालागढ़ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 10 जुलाई को मतदान होगा और 13 जुलाई को चुनाव नतीजे घोषित होंगे। हाल ही में छह विस क्षेत्रों में हुए उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में रहे हैं और छह में चार चार सीटें जीतकर कांग्रेस की सुक्खू सरकार मजबूत हुई है। अब कांग्रेस की नज़र तीन उपचुनाव जीतने पर है।

सियासी जानकारों का मानना है कि हमीरपुर, देहरा और नालागढ़ का चुनावी समर कांग्रेस के विजय रथ की कड़ी परीक्षा लेगा। छह सीटों पर उपचुनाव की जीत से कांग्रेस के हौसले बुलंद है और इस बार वह तीनों उपचुनाव को भी भेदने की रणनीति पर काम कर रही है। उपचुनाव में जीत दिलाने का दारोमदार एक बार फिर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर रहेगा। सुक्खू सरकार अपने 16 माह के कार्यकाल के विकास कार्यों को आधार बनाकर उपचुनाव में उतरेगी।

2022 के विधानसभा चुनाव में हमीरपुर, देहरा और नालागढ़ में कांग्रेस को निर्दलीयों के हाथों शिकस्त मिली थी। हमीरपुर सीट की बात करें तो यह मुख्यमंत्री सुक्खू के गृह जिला की हॉट सीट है और ऐसे में यहां मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर है। 2022 के विस चुनाव में तीनों सीटें जीतने वाले निर्दलीय अब भाजपा में शामिल हैं और इन्हें भाजपा की टिकट मिलने की उम्मीद है। दूसरी तरफ कांग्रेस 2022 के विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों को दोबारा मैदान में उतार सकती है। इनमें हमीरपुर से डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा, देहरा से डॉक्टर राजेश शर्मा और नालागढ़ से हरप्रीत बाबा शामिल हैं। कांग्रेस और भाजपा में इन तीनों सीटों पर कई वरिष्ठ नेता भी टिकट झटकने के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं।

हमीरपुर सीट दो दशक से हार रही कांग्रेस, दिलचस्प होगा मुकाबला

हमीरपुर सीट भाजपा की गढ़ रही है। कांग्रेस दो दशक से इस सीट पर लगातार हार रही है। आखिरी बार वर्ष 2003 में कांग्रेस की अनिता वर्मा यहां से विजयी हुई थी। 2007 में भाजपा की उर्मिल ठाकुर, 2012 में प्रेम कुमार धूमल और 2017 में नरेंद्र ठाकुर ने यहां से जीत दर्ज की थी। 2022 में भाजपा और कांग्रेस दोनों को हमीरपुर से हार मिली और निर्दलीय आशीष शर्मा पहली बार विस पहुंचे। इस बार कांग्रेस यह सीट जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। हमीरपुर की इस हॉट सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता व पांचवी बार सांसद बने अनुराग ठाकुर का भी खास प्रभाव है। देहरा विस हल्का भी उन्हीं के संसदीय क्षेत्र में शामिल है। ऐसे में भाजपा को दोनों सीटों पर जीत दिलाने में अनुराग ठाकुर की अहम भूमिका रहेगी। लोकसभा चुनाव में अनुराग ठाकुर को हमीरपुर से 15569 मतों और देहरा से 15317 मतों की बढ़त मिली थी।

21 जून तक दाखिल होंगे नामांकन पत्र

चुनाव आयोग के मुताबिक तीनों सीटों पर विस उपचुनाव के लिए 14 जून को अधिसूचना जारी होगी। 21 जून तक नामांकन होगा, 24 जून तक नामांकन पत्रों की जांच होगी और 26 जून को नामांकन पत्र वापिस लिए जा सकते हैं। इसके बाद 10 जुलाई को बुधवार के दिन मतदान होगा। वहीं 13 जुलाई को मतगणना होगी।

तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे से हो रहे उपचुनाव

प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे की वजह से उपचुनाव हो रहे हैं। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव में देहरा से होशियार सिंह, नालागढ़ से केएल ठाकुर और हमीरपुर से आशीष शर्मा विधायक निर्वाचित हुए थे। निर्दलीय विधायक के तौर पर ये तीनों प्रदेश की कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे थे। लेकिन इसी साल 27 फ़रवरी को हुए राज्यसभा चुनाव में इन तीनों ने भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया और कांग्रेस का बहुमत होने के बावजूद हर्ष महाजन राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए। इसके बाद 22 मार्च को तीनों निर्दलीय विधायकों ने अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया और भाजपा से शामिल हो गए। लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से एक दिन बीते तीन जून को हिमाचल विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने तीन निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर, आशीष शर्मा और होशियार सिंह का इस्तीफा मंजूर किया था।

विधानसभा उपचुनाव के नतीजों का कांग्रेस सरकार पर नहीं पड़ेगा असर

हिमाचल विधानसभा में कुल 68 सदस्य हैं। तीन सीटें रिक्त होने पर प्रदेश विधानसभा के सदस्यों की संख्या 65 रह गई है। इनमें कांग्रेस के 38 और भाजपा के 27 विधायक हो गए। 68 सदस्यों वाली प्रदेश विस में बहुमत के लिए 35 का आंकड़ा चाहिए। वर्तमान कांग्रेस की सुक्खू सरकार के पास अभी 38 विधायकों का आंकड़ा है। ऐसे में विस उपचुनाव के नतीजों का सत्ताधारी कांग्रेस सरकार पर कोई नहीं पड़ेगा।

हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल/सुनील

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