हिमाचल में शराब पीने वालों की संख्या घटी, फिर भी उत्तर भारत में सबसे आगे : रिपोर्ट
शिमला, 06 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में शराब पीने वाले पुरुषों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों के दौरान मामूली कमी दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद राज्य अब भी उत्तर भारत में शराब सेवन के मामले में सबसे ऊपर बना हुआ है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के 30.2 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते हैं। इससे पहले NFHS-5 (2019-21) में यह आंकड़ा 31.9 प्रतिशत था।
यानी दो सर्वेक्षणों के बीच शराब पीने वाले पुरुषों के प्रतिशत में 1.7 प्रतिशत अंकों की कमी आई है। हालांकि यह गिरावट सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि हिमाचल में शराब का दायरा अब भी व्यापक बना हुआ है।
आंकड़ों को सरल भाषा में समझें तो प्रदेश में हर 100 वयस्क पुरुषों में करीब 30 पुरुष शराब पीते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो लगभग हर तीसरा वयस्क पुरुष शराब का सेवन करता है। यही कारण है कि राष्ट्रीय स्तर पर कमी दर्ज होने के बावजूद हिमाचल उत्तर भारत में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में शराब सेवन की दर शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में 30.6 प्रतिशत पुरुषों ने शराब पीने की बात स्वीकार की, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 27.6 प्रतिशत दर्ज किया गया।
पड़ोसी राज्यों से काफी आगे
उत्तर भारत के अन्य राज्यों की तुलना में हिमाचल के आंकड़े अधिक हैं। उत्तराखंड में 27.2 प्रतिशत पुरुष शराब पीते हैं, जबकि पंजाब में यह आंकड़ा 22.9 प्रतिशत है। चंडीगढ़ में 21.6 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 18.7 प्रतिशत, लद्दाख में 18.4 प्रतिशत, हरियाणा में 17.5 प्रतिशत और दिल्ली में 16.1 प्रतिशत पुरुषों ने शराब सेवन की बात कही है।
राजस्थान में शराब पीने वाले पुरुषों का प्रतिशत 10.7 है, जबकि जम्मू-कश्मीर में यह केवल 7.3 प्रतिशत दर्ज किया गया। इन आंकड़ों की तुलना में हिमाचल काफी आगे दिखाई देता है।
राष्ट्रीय स्तर पर हालांकि कुछ राज्य हिमाचल से आगे हैं। अरुणाचल प्रदेश में 50.5 प्रतिशत पुरुष शराब पीते हैं। तेलंगाना में यह आंकड़ा 43.9 प्रतिशत और सिक्किम में 42.2 प्रतिशत है। फिर भी उत्तर भारत में हिमाचल सबसे ऊपर बना हुआ है।
महिलाओं में शराब सेवन बेहद कम
रिपोर्ट बताती है कि हिमाचल में महिलाओं के बीच शराब सेवन का प्रतिशत बेहद कम है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की केवल 0.6 प्रतिशत महिलाओं ने शराब सेवन की बात स्वीकार की। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में शराब का उपयोग मुख्य रूप से पुरुषों तक सीमित है।
तंबाकू सेवन भी चिंता का विषय
शराब के साथ-साथ तंबाकू सेवन के मामले में भी हिमाचल के आंकड़े ध्यान खींचते हैं। रिपोर्ट के अनुसार 28.9 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रतिशत 29.5 और शहरी क्षेत्रों में 24.6 है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शराब और तंबाकू दोनों का संयुक्त प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। इससे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, लिवर की बीमारियां, कैंसर और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य संकेतक भी दे रहे चेतावनी
NFHS-6 के आंकड़े बताते हैं कि हिमाचल में 31.7 प्रतिशत पुरुष उच्च रक्तचाप से प्रभावित हैं या उसका इलाज करा रहे हैं। महिलाओं में यह प्रतिशत 24.1 है। वहीं 20 प्रतिशत पुरुषों और 20.6 प्रतिशत महिलाओं में रक्त शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया या वे मधुमेह की दवा ले रहे थे।
हालांकि रिपोर्ट यह नहीं कहती कि इन सभी मामलों का सीधा संबंध शराब सेवन से है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि बदलती जीवनशैली, नशे की आदतें और शारीरिक गतिविधियों में कमी ऐसे स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ा सकती हैं।
10 हजार से अधिक परिवारों पर आधारित सर्वे
हिमाचल प्रदेश में यह सर्वे 10,437 परिवारों के बीच किया गया। इसके तहत 10,271 महिलाओं और 1,469 पुरुषों से स्वास्थ्य, पोषण और जीवनशैली से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे गए। इन्हीं जवाबों के आधार पर राज्य की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

