स्व. हेमकांत कात्यायन की स्मृति में साहित्यिक एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन

WhatsApp Channel Join Now
स्व. हेमकांत कात्यायन की स्मृति में साहित्यिक एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन


मंडी, 19 मई (हि.स.)। हेमकांत मेमोरियल ट्रस्ट मंडी की ओर से पत्रकार, साहित्यकार एवं लोकसंस्कृति मर्मज्ञ स्व. हेमकांत कात्यायन की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर साहित्यिक गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की संयुक्त निदेशक सुश्री मंजूला विशेष रूप से उपस्थित रही। जबकि वरिष्ठ साहित्यकार उपन्यासकार गंगाराम राजी और वरिष्ठ साहित्यकार रेखा वशिष्ठ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जबकि जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रही।

इस अवसर पर स्व. हेमकांत कात्यायन एवं दिवंगत साहित्यकार के.के. नूतन को श्रद्धांजलि स्वरूप दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में संयुक्त निदेशक सूचना एवं जन संपर्क विभाग मंजूला ने कहा कि स्व. हेमकांत कात्यायन का जीवन सबके लिए प्रेरणादायक रहा है। साहित्य, पत्रकारिता और लोक संस्कृति के संरक्षण में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा है। उनकी याद में गठित ट्रस्ट अपने सामाजिक सरोकारों का निर्वहन करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है। यह अपने आपमें सराहनीय प्रयास है, इससे हेमकांत कात्यायन की स्मृति को कभी भी विस्मृत नहीं होने दिया जाएगा।

लेखक गोष्ठी के दौरान मंच संचालक भगत सिंह गुलेरिया ने कहा कि हेमकांत कात्यायन समाज में एक पत्रकार के रूप में सक्रिय रहे और अंत तक यही उनकी पहचान भी रही। लेकिन उनकी जिंदगी का एक और भी किरदार था , वो संवेदनशील साहित्यकार भी थे। साहित्य कला, कविता कहानी, लोकसाहित्य बाल कथाओं, फिल्म स्क्रिप्ट,रेडिया नाटक लेखन में अपनी कलम चलाई। डा. गंगाराम राजी ने कहा कि हेमकांत कात्यायन को पत्रकारिता के अलावा फिल्म निर्माण, टेलिविजन आदि में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का भी शौक था।

हेमकांत कात्यायन मेमोरियल ट्रस्ट के उपाध्यक्ष बीरबल शर्मा ने कहा कि ट्रस्ट की ओर से साहित्य, संस्कृति के संरक्षण को लेकर साल भर में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह साहित्यिक कार्यक्रम भी बेहद सफल रहा। वहीं पर ट्रस्ट की अध्यक्ष निर्मला कात्यायन ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों को सभी बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों और सदस्यों का सहयोग मिलता रहता है। इस अवसर पर कवि सम्मेलन में मंडी और सुंदरनगर से आए कवियों ने अपनी कविताओं का पाठ किया।

सुश्री मंजूला ने अपनी कविता सुनाते हुए कहा-जिस्म के आेझल हो जाने से रिश्ते नहीं छूटते, हाथ छूटने से साथ नहीं छूटता, दिल में बसे रिश्ते दूर नहीं जाते , वक्त गुजर जाने से यादों का कारवां ठहर नहीं जाता। इसके अलावा डा. रेखा वशिष्ठ, डा. राकेश कपूर, मुरारी शर्मा, जगदीश कपूर, कृष्णचंद्र महादेविया, निर्मला चंदेल, विद्या शर्मा, रतन लाल शर्मा, सुरेंद्र मिश्रा, प्रकाशचंद्र धीमान, कृष्णा ठाकुर, अनिल महंत, डा. पीसी कौंडल, धर्मचंद वर्मा, लतेश शर्मा आदि ने अपनी कविताएं सुनाकर अपने भावों को अभिव्यक्ति दी। इस अवसर पर एसवीएम प्रबंधन कमेटी के पूर्व अध्यक्ष बलवीर शर्मा, जिला लोक संपर्क अधिकारी हेमंत कुमार, हेमकांत कात्यायन ट्रस्ट के सदस्य पुरूषोत्तम शर्मा, भाई हिरदा राम के पोते शमशेर मिन्हांस, एसवीएम स्कूल के प्रधानाचार्य एवं स्टाफ के सदस्य मौजूद रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

Share this story