उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने दी हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार को श्रद्धांजलि
नाहन, 04 अगस्त (हि.स.)। सिरमौर जिले के चनालग स्थित हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के पैतृक जन्मस्थल पर उनकी 120वीं जयंती के अवसर पर बुधवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, संसदीय कार्य तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने डॉ. परमार की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की, अर्जुन का पौधा लगाया और ज्वाला माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
सभा को संबोधित करते हुए हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार के अथक प्रयासों से हिमाचल प्रदेश अस्तित्व में आया। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व ने प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखी, जिसके कारण आज हिमाचल देश के प्रमुख पर्वतीय राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग रियासतों को एकजुट कर एक अलग पहाड़ी राज्य का गठन कराने में डॉ. परमार की सबसे बड़ी भूमिका रही। इसी कारण उन्हें हिमाचल निर्माता कहा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. परमार लंबे समय तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उद्योग मंत्री ने कहा कि जब हिमाचल प्रदेश अस्तित्व में आया था, उस समय प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय केवल 247 रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 2.60 लाख रुपये हो गई है। उन्होंने बताया कि उस समय प्रदेश में करीब 200 शिक्षण संस्थान थे, जबकि आज उनकी संख्या 15 हजार से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव हिमाचल की विकास यात्रा को दर्शाता है और इसकी मजबूत नींव डॉ. परमार ने रखी थी। उन्होंने डॉ. परमार को ईमानदार, सादगीपूर्ण और जनहित के लिए समर्पित नेता बताया।
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि डॉ. परमार कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों वाले व्यक्तित्व थे। उन्होंने लोगों से उनके बताए रास्ते पर चलने और प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार किसानों, बागवानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

