ज्ञान भारतम मिशन द्वारा देश भर में किया जाएगा पांडुलिपियों का डिजिटाईजेशन: रेवती सैनी

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ज्ञान भारतम मिशन द्वारा देश भर में किया जाएगा पांडुलिपियों का डिजिटाईजेशन: रेवती सैनी


मंडी, 03 अप्रैल (हि.स.)।

भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से ज्ञान भारतम मिशन का गठन किया गया है। जिसके माध्यम से देश भर से करीब एक करोड़ पुराने अभिलेखों, पांडुलिपियों का डिजिटाईजेशन किया जाएगा। जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने बताया कि बीते सालों में राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के माध्यम से भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रदेश भर में सर्वेक्षकों के माध्यम से पांडुलिपियों का सर्वे करवाया गया है। अब इसी कड़ी में केंद्र सरकार की ओर से संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से ज्ञान भारतम मिशन का गठन किया गया है।

केंद्रीय वित मंत्री निर्मला सीतारमन ने अपने बजट भाषण में इस मिशन की घोषणा करते हुए कहा है कि भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

जिला भाषा अधिकारी ने बताया कि ज्ञान भारतम मिशन द्वारा देश भर में पांडुलिपियों का डिजिटाईजेशन किया जा रहा है। इसके लिए निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग रीमा कश्यप ने सभी जिला भाषा अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि लोगों को इस विषय पर जागरूक करें और जिन लोगों के घरों में इस तरह के पुराने दस्तावेज, हस्तलिखित पांड़लिपियां, ताड़पत्र या भोजपत्र पर कम से कम पचहतर साल पुराने दस्तावेज हैं वे इस श्रेणी में शामिल किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए ज्ञान भारतम ऐप लांच की गई है। जिसे मोबाइल फोन पर डाउनलोड करके लाॅगइन किया जा सकता है। इसमें पांडुलिपि का कवर पेज के अलावा अंदर के दो-तीन पेज की फोटो लेकर डालनी होगी। जिससे पांडुलिपि के मालिक ज्ञान भारतम मिशन से जुड़ जाएगें और मिशन आगामी कार्रवाई के लिए स्वयं उनसे संपर्क करेगा।

उन्होंने बताया कि इससे लोगों के घरों में पड़े ज्ञान को वैश्विक पहचान मिलेगी, वहीं पर शोध कर्ताओं और विश्वविद्यालयों के छात्रों को इस पर शोध कार्य करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ये पांडुलिपियां जिनकी है उन्हीं के पास रहेंगी ।यही नहीं इन पांडुलिपियों का संरक्षण भी किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश सरकार के राज्य संग्रहालय शिमला द्वारा खराब पड़ी पांडुलिपियों का कैमिकल के माध्यम से संरक्षण भी किया जाएगा।

जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने आम जनता एवं निजी संस्थानों जिनके पास इस तरह की पांडुलिपियां संग्रहित हैं से आग्रह किया है कि ज्ञान भारतम ऐप के माध्यम से अपनी पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन करवाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भंडार के संरक्षण और संवर्धन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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