उपलब्धिः मंडी के कचालू काे मिली राष्ट्रीय पहचान , कचालू के नाम से हुआ पंजीकृत

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उपलब्धिः मंडी के कचालू काे मिली राष्ट्रीय पहचान , कचालू के नाम से हुआ पंजीकृत


मंडी, 10 सितंबर (हि.स.)। मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल के गांव बिंगा में किसान उत्पादक संगठन यानी एफपीओ की देखरेख व माध्यम से की जा रही कचालू की खेती को अब राष्ट्रीय पहचान हासिल हो गई है। इसका पंजीकरण स्वाद कचालू के नाम से हो गया है। कचालुओं को राष्ट्रीय स्तर पर दिलवाई पहचान, कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर ने किया मार्गदर्शन किया है।

एफपीओ के अध्यक्ष सत्तपाल सिंह चौहान, सचिव भूपेंद्र सिंह और डॉ. कुलदीप सिंह गुलेरिया ने बताया कि मंडी जिला में किसी विशेष प्रकार की पौधा किस्म को पहला रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त हुआ है। बिंगा गांव जहां पिछले सौ साल से इस विशेष तरह के कचालुओं की किस्म उगाई जा रही है उसे एफपीओ ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलवाने में सफलता हासिल की है जो बिंगा के किसानों के साथ साथ धर्मपुर खण्ड और यहां तक कि मंडी जिला के लिए भी गौरव की बात है जिससे धर्मपुर राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थान प्राप्त करने में सफल हुआ है।

कचालू की इस विशेष किस्म को स्वाद कचालू किस्म के रूप में रजिस्ट्रर्ड करवाने जिसे 0624 नंबर प्राप्त हुआ है में कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर के कृषि वैज्ञानिक डॉ पंकज सूद व अन्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया और उन्होंने स्वयं बिंगा में खेतों में जाकर वर्ष 2024 में दौरा किया था और उसके बाद एफपीओ ने 26 मई 2025 को इसके पंजीकरण के लिए आवेदन किया था।

वहीं एफपीओ से जुड़े किसान कश्मीर सिंह, चौधरी राम, बालम राम, नेकराम राणा, करतार सिंह, युद्धवीर सिंह, प्रकाश वर्मा, रणताज राणा, हेमचन्द, पृथी पाल, राजेन्द्र सिंह, ख्याली राम, कृष्ण देव, प्रेम सिंह, रूपचंद, मोहनलाल,कंचना देवी, रजनी सकलानी, फुलां देवी, कमला देवी, जुल्मी देवी, सरोजनी, वीना, लीला देवी,किरण इत्यादि ने कहा कि एफपीओ बनने से धर्मपुर में हो रही परंपरागत खेती को नई पहचान मिली है और इसे और ज्यादा विकसित करने की प्रेरणा मिली है।

उन्होंने मांग ऊठाई की एफपीओ को पारंपरिक बीजों का सीड बैंक स्थापित करने की दिशा में भी कदम उठाना चाहिए और राष्ट्रीय स्तर पर इसके लिए बनी सीड सोसाईटी का हिस्सा बन कर कार्य करने का भी प्लान बनाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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