अखबार में समोसा-पकौड़ा परोसने पर सख्ती की मांग, उपभोक्ता परिषद ने प्रशासन से मांगी कार्रवाई

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शिमला, 16 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में समोसे, पकौड़े, जलेबी और अन्य खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर या अखबार के कागज पर परोसने की आम होती जा रही आदत पर अब सवाल उठने लगे हैं। हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि लोगों की सेहत से जुड़े इस मुद्दे को हल्के में नहीं लिया जा सकता और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

दरअसल, हिमाचल में पॉलीथिन के इस्तेमाल पर पहले से ही प्रतिबंध लागू है। ऐसे में कई दुकानदार और रेहड़ी-फड़ी संचालक पॉलीथिन की जगह अखबारों के लिफाफे बनाकर ग्राहकों को सामान देने लगे हैं। खासकर खाद्य पदार्थों को अखबार के कागज में लपेटकर या उसी पर रखकर परोसने की प्रथा कई जगह देखने को मिलती है। हालांकि खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार अखबार का कागज भोजन के सीधे संपर्क के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता।

हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद के अध्यक्ष जोगेंद्र कंवर और उपाध्यक्ष रणजीत सिंह धीमान ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आज भी कई दुकानदार खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने स्पष्ट रूप से अखबार या अन्य मुद्रित कागजों के इस्तेमाल को खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग और परोसने के लिए प्रतिबंधित किया हुआ है। इसके बावजूद नियमों का पालन पूरी तरह नहीं हो रहा है।

परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि अखबारों में इस्तेमाल होने वाला रीसाइकिल कागज और छपाई की स्याही कई प्रकार के रासायनिक तत्वों से युक्त होती है। जब गर्म समोसे, पकौड़े, परांठे, टिक्की या अन्य खाद्य पदार्थ इन कागजों के संपर्क में आते हैं तो स्याही और रसायनों के भोजन में मिलने की आशंका बढ़ जाती है। इससे पेट संबंधी संक्रमण, पाचन तंत्र की समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकते हैं। विशेषज्ञ भी समय-समय पर ऐसे खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह देते रहे हैं।

परिषद ने मांग की है कि शिमला सहित पूरे हिमाचल में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाए और खाद्य पदार्थों को अखबार में परोसने या पैक करने वाले दुकानदारों को पहले जागरूक किया जाए। इसके बाद भी नियमों की अनदेखी होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। परिषद ने कहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने और अन्य कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, इसलिए लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए इन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।

साथ ही उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे अखबार में लपेटा या परोसा गया भोजन लेने से बचें और यदि कहीं ऐसा हो रहा है तो इसकी जानकारी संबंधित विभाग को दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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