पूर्व कांग्रेस नेता युद्ध चंद बैंस को मिली जमानत, सोशल मीडिया पोस्ट पर हुई थी कार्रवाई
शिमला, 06 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के पूर्व नेता और होटल व्यवसायी युद्ध चंद बैंस को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने से जुड़े मामले में जमानत मिल गई है। शनिवार को उन्हें जिला न्यायालय चक्कर स्थित न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी-2) की अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने निर्धारित शर्तों और जमानत बंधपत्र के आधार पर उनकी रिहाई के आदेश दिए।
युद्ध चंद बैंस को शिमला पुलिस ने एक दिन पहले 5 जून की शाम गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ थाना बालूगंज में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196, 299 और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक ऐसी वीडियो साझा की थी, जिसमें विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने वाली सामग्री, एक विशेष समुदाय को लक्षित टिप्पणियां और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस के अनुसार यह मामला थाना बालूगंज में प्राप्त एक शिकायत के बाद दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि युद्ध चंद बैंस द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई वीडियो बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच रही है और इससे सामाजिक तनाव पैदा होने की आशंका है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने वीडियो और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की।
जिला शिमला पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच और डिजिटल विश्लेषण के दौरान उपलब्ध वीडियो तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों के परीक्षण में यह पाया गया कि संबंधित सामग्री विभिन्न समुदायों के बीच तनाव और वैमनस्य पैदा करने की प्रवृत्ति रखती है। इसी आधार पर मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान युद्ध चंद बैंस को नोटिस जारी कर पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने अपेक्षित सहयोग नहीं किया।
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने जांच प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया, जिसके बाद मामले में बीएनएस की धारा 221 भी जोड़ी गई। इसके बाद उन्हें 5 जून को गिरफ्तार कर लिया गया था।
शनिवार को अदालत में पेशी के बाद माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी-2) ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी। अदालत के आदेश के अनुसार निर्धारित शर्तों और जमानत बंधपत्र पूरा करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
युद्ध चंद बैंस पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और हाल के वर्षों में प्रदेश सरकार के खिलाफ मुखर रुख अपनाते रहे हैं। वह होटल व्यवसाय से भी जुड़े हुए हैं।
बैंस का नाम इससे पहले एक चर्चित वित्तीय मामले में भी सामने आ चुका है। उन पर होटल निर्माण के नाम पर लिए गए करीब 20 करोड़ रुपये के ऋण से जुड़े कथित धोखाधड़ी के आरोप हैं। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद राज्य विजिलेंस ब्यूरो जांच कर रहा है और उनसे कई बार पूछताछ भी की जा चुकी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

