पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल का विकास मॉडल आज भी हिमाचल के लिए मिसाल: रोहित ठाकुर
शिमला, 06 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय ठाकुर रामलाल का विकास मॉडल आज भी प्रदेश के लिए मिसाल है। उन्होंने कहा कि ठाकुर रामलाल ने अपने राजनीतिक जीवन में शिक्षा, कृषि, बागवानी, सड़क, रोजगार और आधारभूत ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी, जिसका लाभ प्रदेश को आज भी मिल रहा है।
कोटखाई में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री, आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से लगातार नौ बार विधायक रहे स्वर्गीय ठाकुर रामलाल की 24वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि एवं स्मरण सभा में शिक्षा मंत्री ने यह बात कही। कार्यक्रम में ठियोग के विधायक कुलदीप राठौर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
रोहित ठाकुर ने कहा कि स्वर्गीय ठाकुर रामलाल जनता से गहरा जुड़ाव रखने वाले दूरदर्शी, कर्मठ और जनप्रिय नेता थे। उन्होंने हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के मंत्रिमंडल में वरिष्ठ मंत्री के रूप में काम किया और बाद में तीन बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने कहा कि जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से लगातार नौ बार विधायक चुना जाना और कभी चुनाव नहीं हारना उनके प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। बाद में उन्होंने आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि ठाकुर रामलाल के कार्यकाल में जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में सड़क निर्माण का तेजी से विस्तार हुआ और कई दूरदराज के गांव सड़क संपर्क से जुड़े। उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र में मौजूद सड़क नेटवर्क उनके विकास कार्यों का प्रमाण है। उनके अनुसार प्रदेश में उच्च शिक्षा, कृषि, बागवानी और अनुसंधान को मजबूत करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला, डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी और चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर जैसे संस्थानों की स्थापना और विकास में भी ठाकुर रामलाल की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि सेब बागवानी के विस्तार, किसानों की आय बढ़ाने, बागवानी अनुसंधान को प्रोत्साहन देने और नियंत्रित वातावरण भंडारण (सीए स्टोर) जैसी सुविधाओं की नींव रखने का श्रेय भी उन्हें जाता है। उन्होंने कहा कि मंडी मध्यस्थता योजना जैसे फैसलों ने वर्षों से सेब और अन्य फल उत्पादकों को आर्थिक सहारा दिया है।
उन्होंने कहा कि ठाकुर रामलाल के कार्यकाल में भूमिहीन और कमजोर वर्गों को भूमि के अधिकार दिए गए। बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं और रोजगार से जुड़े संस्थानों की स्थापना की गई। आईटीआई जुब्बल की स्थापना भी उनकी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि एक साधारण किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाले ठाकुर रामलाल को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वर्ष 1980 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया था। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 1972 के विधानसभा चुनाव में ठाकुर रामलाल को अपने निर्वाचन क्षेत्र में पड़े कुल मतों का लगभग 95 प्रतिशत समर्थन मिला था, जिसे उस समय देश में एक रिकॉर्ड माना गया।
ठियोग के विधायक कुलदीप राठौर ने भी स्वर्गीय ठाकुर रामलाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि छात्र राजनीति के समय उन्हें उनके साथ काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि ठाकुर रामलाल सरल, विनम्र और सभी को साथ लेकर चलने वाले नेता थे। वे लोगों की भावनाओं को समझते थे और जनसेवा को हमेशा प्राथमिकता देते थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

