चुनाव ड्यूटी में खाना बनाने के आदेश का आंगनबाड़ी यूनियन ने किया विरोध
नाहन, 19 मई (हि.स.)। आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन, सीटू संबद्ध राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव ड्यूटी के दौरान चुनाव कर्मियों के लिए भोजन बनाने संबंधी जारी आदेश का कड़ा विरोध किया है। यूनियन का कहना है कि आंगनबाड़ी कर्मियों पर पहले से ही कार्य का अत्यधिक बोझ है और ऐसे में अतिरिक्त जिम्मेदारी देना अनुचित है।
यूनियन ने सवाल उठाया कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात टीमें एक दिन पहले ही पोलिंग बूथ पर पहुंच जाती हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी कर्मियों को यह तय करना मुश्किल होगा कि वे नियमित ड्यूटी करें या चुनाव कर्मियों के लिए भोजन तैयार करने जाएं।
यूनियन ने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी में कार्यरत सभी कर्मी महिलाएं हैं, जबकि चुनाव ड्यूटी में अधिकतर पुरुष कर्मचारी होते हैं। उनके लिए भोजन बनाने और परोसने में रात 10 से 11 बजे तक का समय लग सकता है। ऐसी स्थिति में महिला कर्मियों की सुरक्षा और घर वापसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
यूनियन का कहना है कि इससे पहले कभी भी आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर की ड्यूटी रात के समय नहीं लगाई गई। इसलिए चुनाव ड्यूटी के तहत खाना बनाने का आदेश महिला कर्मियों के हितों के खिलाफ है।
आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन की राज्य अध्यक्ष नीलम जसवाल ने सरकार और निर्वाचन आयोग से मांग की कि इस आदेश को तुरंत वापस लिया जाए तथा किसी भी कर्मचारी से जबरन कार्य न करवाया जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

