उंगली पर पहले से लगी होगी स्याही, फिर भी पंचायत चुनाव में वोट डाल सकेंगे वकील
शिमला, 15 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान इस बार कुछ मतदाताओं की उंगली पर पहले से लगी अमिट स्याही भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती है। इसे देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि हाल ही में बार काउंसिल चुनाव में मतदान कर चुके अधिवक्ताओं को पंचायत चुनाव में वोट डालने से नहीं रोका जाएगा।
आयोग ने कहा है कि जिन वकीलों ने बार काउंसिल चुनाव में मतदान किया था, उनकी बाएं हाथ की तर्जनी उंगली पर पहले से अमिट स्याही का निशान मौजूद हो सकता है। लेकिन सिर्फ इस आधार पर उन्हें पंचायत चुनाव में मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार ऐसे मतदाताओं को मतदान केंद्र पर अपना अधिवक्ता परिचय पत्र या बार काउंसिल का पहचान पत्र दिखाना होगा। पहचान की पुष्टि होने के बाद उन्हें वोट डालने की अनुमति दी जाएगी। मतदान से पहले उनके दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और रिकॉर्ड दोनों बनाए रखे जा सकें।
आयोग ने इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, उपमंडल अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि जिन अधिवक्ताओं की उंगली पर पहले से स्याही का निशान हो, उनके पहचान पत्र की जांच के बाद उन्हें मतदान करने दिया जाए।
राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि अलग-अलग चुनावों में मतदान कर चुके मतदाता अपने मताधिकार के इस्तेमाल से वंचित न रहें और चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके।
बता दें कि हिमाचल में पंचायत चुनाव के लिए मतदान 3 चरणों में 26, 28 व 30 मई को होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

