इतिहास विभाग का शैक्षणिक भ्रमण: 31 सदस्यीय दल मंडी से ग्वालियर के लिए रवाना

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इतिहास विभाग का शैक्षणिक भ्रमण: 31 सदस्यीय दल मंडी से ग्वालियर के लिए रवाना


मंडी, 02 अप्रैल (हि.स.)। अनुभवात्मक शिक्षा की ओर कदम: एसपीयू मंडी का दल जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के लिए रवाना

सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के इतिहास विभाग द्वारा समझौता ज्ञापन के अंतर्गत संकाय–विद्यार्थी सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत 31 सदस्यीय दल जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के लिए हर्षोल्लास के साथ रवाना हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने दल को अपना मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा केवल कक्षा कक्ष तक सीमित नहीं रह गई है बल्कि अनुभवात्मक अधिगम के माध्यम से ही विद्यार्थियों का समग्र विकास संभव है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के भ्रमण विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विविधता तथा शैक्षणिक परिवेश को निकट से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उदेश्य विद्यार्थियों में शोधपरक दृष्टिकोण विकसित करना, ऐतिहासिक तथ्यों के प्रत्यक्ष अध्ययन की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करना तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करना है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का पूर्णतः सदुपयोग करें और विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ.राकेश कुमार शर्मा ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह भ्रमण केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि एक सुनियोजित शैक्षणिक कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर व निकटतम क्षेत्र के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों मतावली,पडावली,बटेश्वर मन्दिर समुह,ग्वालियर किला सहित विभिन्न संग्रहालयों एवं सांस्कृतिक धरोहरों का भ्रमण एवं अध्ययन कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त जीवाजी विश्वविद्यालय में में आयोजित विविध शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता करेंगे। विद्यार्थियों में इस शैक्षणिक यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखा गया तथा उन्होंने इसे अपने शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

उल्लेखनीय है कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय मण्डी का इतिहास विभाग समय-समय पर इस प्रकार की नवाचारी शैक्षणिक पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं शोधपरक शिक्षा प्रदान करने के लिए सतत प्रयासरत है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक एवं सशक्त बनाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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