शिमला में नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर चला बुलडोजर

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शिमला में नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर चला बुलडोजर


शिमला, 28 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए शिमला पुलिस अब आरोपियों की अवैध संपत्तियों और निर्माणों को भी निशाना बना रही है। पुलिस ने पिछले आठ महीनों में नशा तस्करी से जुड़े दो आरोपियों की अवैध संपत्तियों को बुलडोजर से ध्वस्त किया है। इसके साथ ही जिले में नशा तस्करों की संपत्तियों के 940 सत्यापन किए गए हैं, जिनके आधार पर 58 संभावित अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया गया है।

पुलिस के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य नशा तस्करी से होने वाली कमाई और उससे जुड़े अवैध ढांचों को खत्म करना है। इसके तहत नशा तस्करी के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ उनके वित्तीय नेटवर्क तथा अवैध संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

इसी अभियान के तहत मंगलवार को चिड़गांव-रोहड़ू मार्ग पर लंबाखाटल के पास लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह मामला पुलिस थाना कोटखाई में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज चिट्टा तस्करी के मामले से जुड़ा है। मामले की समीक्षा के दौरान सरकारी भूमि पर दुकानों और एक स्टोर का निर्माण किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

इसके बाद पुलिस और लोक निर्माण विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये की पांच दुकानों को ध्वस्त कर दिया। वहीं, एक स्टोर को अपने कब्जे में लिया गया। पुलिस का कहना है कि सरकारी भूमि पर किए गए इन निर्माणों को नशा तस्करी से जुड़े मामले की जांच के दौरान चिन्हित किया गया था।

इससे पहले आठ अक्टूबर 2026 को रोहड़ू क्षेत्र में नशा तस्करी से जुड़े एक आरोपी के अवैध रेस्टोरेंट को भी बुलडोजर से ध्वस्त किया गया था। पुलिस के अनुसार, शिमला जिले में नशा तस्करी से जुड़े आरोपियों के अवैध निर्माणों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई पहली बार की गई है।

940 संपत्तियों का सत्यापन, 58 संभावित अवैध संपत्तियां चिन्हित

शिमला पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े आरोपियों की संपत्तियों की जांच फरवरी 2026 से शुरू की थी। इसके तहत अब तक 940 संपत्तियों का सत्यापन किया जा चुका है। पुलिस ने इनमें से 58 संपत्तियों को संभावित अवैध संपत्तियों के रूप में चिन्हित किया है। इन संपत्तियों के नशा तस्करी से संबंध और उनकी वैधता की जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को केवल गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इस अभियान में मुख्य सप्लायरों की पहचान, उनके वित्तीय नेटवर्क की जांच और नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों का पता लगाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसके लिए मामलों में बैकवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है, जिससे नशे की आपूर्ति करने वाले बड़े तस्करों तक पहुंचा जा सके। साथ ही नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने के लिए वित्तीय जांच भी की जा रही है।

एससपी शिमला गौरव सिंह के अनुसार नशा तस्करी से जुड़े अवैध नेटवर्क के सभी पहलुओं पर कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान का लक्ष्य नशे के कारोबार से जुड़े मुख्य सप्लायरों, उनकी कमाई, वित्तीय नेटवर्क और अवैध निर्माणों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Livevns.news Desk
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