कफोटा क्षेत्र में गहराया पेयजल संकट, एक माह से पानी को तरसे ग्रामीण

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नाहन, 04 जून (हि.स.)। नागरिक उपमंडल कफोटा और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों पेयजल संकट गंभीर रूप धारण कर चुका है। कफोटा, दुगाना, खजूरी सहित करीब आधा दर्जन गांवों में पिछले एक महीने से नियमित पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। भीषण गर्मी के बीच हजारों ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासी खजान सिंह ने बताया कि दुगाना और आसपास के क्षेत्रों में पीने के पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। क्षेत्र के लगभग 2500 लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जल शक्ति विभाग की लापरवाही और कर्मचारियों की मनमानी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए दो उठाऊ पेयजल योजनाएं स्थापित हैं, लेकिन गर्मी बढ़ते ही दोनों योजनाएं बार-बार जवाब दे रही हैं। लगभग हर तीसरे दिन मोटरों में खराबी आ जाती है। विभाग के पास न तो अतिरिक्त मोटरें उपलब्ध हैं और न ही उनकी मरम्मत की स्थानीय व्यवस्था है। खराब मोटरों को ठीक करवाने के लिए हरियाणा के यमुनानगर भेजना पड़ता है, जिससे पेयजल आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है।

स्थानीय निवासी संजय पुंडीर ने बताया कि पानी की सप्लाई बंद होने से पाइपलाइनें सूखी पड़ी हैं और लोगों के घरों के नल सूख चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल संकट के बावजूद क्षेत्र में पानी के टैंकरों की व्यवस्था भी नहीं की गई है। वर्तमान में लोग केवल ग्रेविटी स्कीम से मिलने वाले सीमित पानी पर निर्भर हैं, जो नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हो रहा है।

स्थिति से नाराज स्थानीय महिलाओं ने सरकार और जल शक्ति विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि खराब पंपों और पेयजल योजनाओं को शीघ्र दुरुस्त किया जाए तथा भविष्य में ऐसी समस्या से बचने के लिए अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था की जाए, ताकि पेयजल आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रह सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

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