हिमाचल में डॉक्टर दो नवंबर से करेंगे पेन-डाउन हड़ताल, पांच को सचिवालय तक मार्च

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हिमाचल में डॉक्टर दो नवंबर से करेंगे पेन-डाउन हड़ताल, पांच को सचिवालय तक मार्च


शिमला, 29 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सरकारी चिकित्सा और दंत चिकित्सा महाविद्यालयों के डॉक्टरों के आंदोलन से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। राज्य चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालय शिक्षक संघ (SAMDCOT) ने दो से चार नवंबर तक रोजाना डेढ़ घंटे की पेन-डाउन हड़ताल करने का ऐलान किया है। संघ ने कहा है कि सरकार ने चार नवंबर तक उसकी मांगों पर बातचीत शुरू नहीं की या कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो पांच नवंबर को शिक्षक सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर जाएंगे। इसी दिन राजधानी शिमला में राज्य सचिवालय तक विरोध मार्च निकालने की भी घोषणा की गई है।

सरकार के आदेशों के विरोध में आंदोलन का ऐलान

SAMDCOT ने यह निर्णय बुधवार शाम को हुई आपातकालीन आम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से लिया। संघ के अनुसार चिकित्सा शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिक्षकों ने सेवा शर्तों में भेदभाव और सरकार की ओर से जारी कुछ आदेशों पर भी आपत्ति जताई है।

संघ का कहना है कि शिक्षकों ने कई बार अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखीं, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला है। इसी कारण चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। संघ ने संबंधित आदेशों को मनमाना, प्रतिगामी और भेदभावपूर्ण बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की है।

सुबह 9:30 से 11 बजे तक होगी पेन-डाउन हड़ताल

संघ की घोषणा के अनुसार प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षक दो, तीन और चार नवंबर को सुबह 9:30 बजे से 11 बजे तक पेन-डाउन हड़ताल करेंगे। इस दौरान बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सहित नियमित कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। संघ ने ओपीडी में आने वाले मरीजों को होने वाली संभावित असुविधा के लिए खेद जताया है।

हालांकि संघ ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं, ट्रॉमा सेवाएं और गहन चिकित्सा इकाइयों (आईसीयू) में मरीजों का इलाज पहले की तरह जारी रहेगा। संघ का कहना है कि चिकित्सा शिक्षक मरीजों के हितों और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हैं।

पांच नवंबर को सामूहिक अवकाश और सचिवालय तक मार्च

SAMDCOT ने कहा है कि यदि चार नवंबर तक सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक बातचीत शुरू नहीं होती या कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तो शिक्षक पांच नवंबर को सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर जाएंगे। इसी दिन प्रदेशभर के चिकित्सा और दंत चिकित्सक शिमला में एकत्रित होकर राज्य सचिवालय तक विरोध मार्च निकालेंगे।

संघ के अनुसार मार्च के जरिए शिक्षक अपनी एकजुटता प्रदर्शित करेंगे और सरकार से विवादित आदेश वापस लेने के साथ लंबित मांगों का न्यायसंगत समाधान करने की मांग करेंगे।

संघ ने प्रस्तावित आंदोलन की औपचारिक सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी है। इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी) शिमला के प्रधानाचार्य को भी इस बारे में सूचित किया गया है, जिससे आंदोलन की जानकारी चिकित्सा शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार तक पहुंच सके।

संवाद शुरू करने की सरकार से अपील

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था की गरिमा, शिक्षकों के अधिकारों और न्यायसंगत सेवा शर्तों की रक्षा करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Livevns.news Desk
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