कांग्रेस-सीपीएम का ऐलान, दिल्ली की रैली में हिमाचल से जायेंगे 15 हजार लोग

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कांग्रेस-सीपीएम का ऐलान, दिल्ली की रैली में हिमाचल से जायेंगे 15 हजार लोग


शिमला, 24 अक्टूबर (हि.स.)। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत एक नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली के लिए इंडिया गठबंधन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हिमाचल प्रदेश से इस रैली में 15 हजार लोगों को ले जाने का दावा किया गया है, जबकि आयोजकों ने देशभर से 10 लाख से अधिक लोगों के जुटने की उम्मीद जताई है। शनिवार को शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) के नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर रैली का ऐलान किया। नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित वोट चोरी और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा को इस अभियान का प्रमुख मुद्दा बताया। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि एक नवंबर की महारैली देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के घटक दल मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। उनके अनुसार यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगा।

रजनी पाटिल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ मिलकर संविधान के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने दावा किया कि देश के 13 करोड़ नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित किया गया है। ये आरोप कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने लगाए हैं। प्रेस वार्ता में इन दावों के समर्थन में अलग से कोई दस्तावेजी आंकड़ा पेश नहीं किया गया।

कांग्रेस के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक और पंजाब के पूर्व मंत्री राव धान सिंह ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने एक नवंबर की महारैली में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की।

राव धान सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से देश में ऐसी सरकार है, जो उनके अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने दावा किया कि देशभर में कथित वोट चोरी के मुद्दे पर लोगों में आक्रोश है और 13 करोड़ लोगों के वोट काटे गए हैं।

सीपीआईएम नेता राकेश सिंघा ने कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली का उद्देश्य संविधान की रक्षा करना है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि आंदोलन को रोकने की कोशिश न की जाए। सिंघा ने मौजूदा राजनीतिक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि देश में 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की तर्ज पर ‘गद्दी छोड़ो’ आंदोलन की जरूरत है। प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कथित वोट चोरी के साथ नोट चोरी और चंदा चोरी के आरोप भी उठाए। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की और कहा कि इस मुद्दे पर विपक्षी दल मिलकर अभियान चलाएंगे।

दो अक्टूबर से 26 नवंबर तक चलेगा अभियान

कांग्रेस-सीपीएम नेताओं के मुताबिक ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान की अवधि दो अक्टूबर से 26 नवंबर तक चलेगा। नेताओं ने एक नवंबर की दिल्ली महारैली को इस अभियान का प्रमुख पड़ाव बताया। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने लोगों से महारैली में भाग लेने की अपील करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Livevns.news Desk
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