डेयरी फार्मरस ने बैठक कर उठाई विभिन्न समस्याएं

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डेयरी फार्मरस ने बैठक कर उठाई विभिन्न समस्याएं


मंडी, 05 अप्रैल (हि.स.)। डेयरी फार्मरस की बैठक मेंं क्षेत्र के प्रगतिशील पशुपालकों और युवा उद्यमियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य डेयरी क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को एकजुट होकर सरकार के समक्ष रखना रहा। इस दौरान बैठक में कई समस्याओं पर मंथन किया गया जिनमें दूध भुगतान में देरी का मुद्दा था।

जिला मिल्क उत्पादक संघ मंडी के प्रधान अनिल जम्वाल ने मांग की कि दूध का भुगतान समय पर किया जाए। क्योंकि इसे देरी से दिया जा रहा है। डेयरी किसानों को भी हर महीने की एक तय तारीख को भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अपने खर्चों और ऋ णों का सही प्रबंधन कर सकें।

उन्होंने कहा कि 10 से 12 लीटर तक ही दूध लेने की सीमाएं लागू करने की बात की जा रही है जो सही नहीं है। इस प्रकार की अनिश्चितता से डेयरी व्यवसाय की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे युवा उद्यमियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रोत्साहन से ही युवाओं ने डेयरी क्षेत्र में निवेश कर पशुपालन को अपनाया है। यदि इस प्रकार की पाबंदियां लगाई जाती हैं, तो युवा उद्यमियों के लिए अपने ऋ ण चुकाना और परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। किसानों ने यह भी मांग रखी कि मिल्क हॉलिडे दूध खरीद बंद करना जैसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। यदि किसी प्लांट में तकनीकी समस्या आती है, तो उसके विकल्प के रूप में अन्य प्लांट की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि किसानों से निरंतर दूध उठान जारी रहे। किसानों ने सरकार से स्पष्ट नीति की मांग की है।

बैठक में उपस्थित सभी डेयरी फार्मरों ने एक स्वर में सरकार से अपील की कि इन सभी मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेकर स्पष्ट नीति बनाई जाए, ताकि डेयरी क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे और किसानों तथा युवा उद्यमियों का भविष्य सुरक्षित रह सके। इस मौके पर दीपक ठाकुर, ललित चौधरी, सुमित, कृष्ण चंद, घनश्याम, टाइम चंद, मुकेश चंदेल आदि मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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