शिमला : साढ़े 3 माह में ड्रग्स तस्करी के 100 मामले दर्ज, 214 तस्कर गिरफ्तार, सरगना भी दबोचे

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शिमला : साढ़े 3 माह में ड्रग्स तस्करी के 100 मामले दर्ज, 214 तस्कर गिरफ्तार, सरगना भी दबोचे


शिमला, 18 अप्रैल (हि.स.)। जिला शिमला पुलिस ने वर्ष 2026 के दौरान नशे के खिलाफ अभियान तेज करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक साढ़े 3 माह में 100 मामले दर्ज किए हैं और 214 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 38 आरोपियों की गिरफ्तारी बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर की गई है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि पुलिस केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह की अगुवाई में चल रहे इस अभियान को नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। 9 फरवरी 2026 को कार्यभार संभालने के बाद से ही उन्होंने नशे के खात्मे को अपनी प्राथमिकता बताया था और तस्करों को सख्त चेतावनी भी दी थी। इसके बाद से पुलिस लगातार सक्रिय कार्रवाई करते हुए कई बड़े तस्करों और नेटवर्क से जुड़े सरगनाओं तक पहुंचने में सफल रही है। बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक कार्रवाई करते हुए कई अहम गिरफ्तारियां भी की गई हैं। पुलिस की इस कार्यशैली को नेटवर्क आधारित जांच और तकनीकी साक्ष्यों पर आधारित कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

इसी अभियान के तहत थाना ठियोग पुलिस ने हाल ही में एक मामले में फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने 12 अप्रैल को गुप्त सूचना के आधार पर नंगलदेवी के पास एक कार की तलाशी ली थी, जिसमें कुलदीप वर्मा निवासी नलेहा के कब्जे से 8.340 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

जांच के दौरान कुलदीप वर्मा उर्फ आशू से पूछताछ में सामने आया कि वह बरामद चिट्टा हितेन्द्र मेहता उर्फ रिंकू को सप्लाई करने के लिए लेकर जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों की जांच की। जांच में दोनों आरोपियों के बीच व्हाट्सऐप चैट में नशे की खरीद-फरोख्त से जुड़ी बातचीत सामने आई, जिससे उनके बीच समन्वय की पुष्टि हुई। साथ ही हितेन्द्र मेहता द्वारा कुलदीप वर्मा को ऑनलाइन माध्यम से किए गए भुगतान के साक्ष्य भी मिले।

इन साक्ष्यों के आधार पर हितेन्द्र मेहता उर्फ रिंकू, जो वर्तमान में जेएमएफसी ठियोग में चपरासी के पद पर कार्यरत है, को 17 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में उसकी संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने धारा 29 एनडीपीएस एक्ट भी जोड़ दी है।

पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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