जीप के साथ ब्यास नदी में डूबे रमेश की सातवें दिन कांडा पतन में मिली लाश
मंडी, 03 सितंबर (हि.स.)। बीते 28 अगस्त को मंडी के पास कुल्लू मार्ग पर 6 मील में गोभी से लदी एक जीप एचपी 66 ए-6528 के साथ ही ब्यास नदी में जा डूबे चालक रमेश चंद की लाश सातवें दिन गुरूवार को यहां से लगभग 50 किलोमीटर नीचे धर्मपुर के कांडापतन में मिली है। पुलिस व एसडीआरएफ की टीमें गोताखोरों की मदद से लगातार ब्यास नदी में उसकी तलाश कर रही थी।
मंगलवार शाम को जीप तो घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर नीचे गाद में फंसी मिल गई थी मगर चालक उसमें या आसपास कहीं नहीं मिला। खोज कार्य में लगी टीमों ने जीप को रस्सों से बांधकर उसके बह जाने की आशंका खत्म कर दी थी। बुधवार को भी चालक रमेश की तलाश की जाती रही। गुरुवार सुबह उसका शव कांडा पतन जो घटनास्थल से नदी के रास्ते लगभग 50 किलोमीटर दूर है में दरिया किनारे लगा हुआ किसी ने देखा तो पुलिस को सूचित किया।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि धर्मपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे में ले लिया। मृतक रमेश कुमार जो मंडी जिले की औट तहसील के गांव लगसाल, डाकघर राहला का रहने वाला था के शव की पहचान परिजनों द्वारा की गई और फिर उसे कब्जे में लेकर नेरचौक मेडिकल कालेज में उसका पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। ऐसा माना जा रहा है कि दुर्घटना के बाद रमेश कुमार जीप से बाहर छिटक कर ब्यास नदी के तेज बहाव में बह गया और उसका शव इतने दूर कांडा पतन तक पहुंच गया। पुलिस ने मामला दर्ज करके इसकी छानबीन शुरू कर रखी है। सात दिनों से रमेश चंद के परिजन बेहद परेशानी में थे। किसी चमत्कार की उम्मीद लगाई जा रही थी मगर शव के मिल जाने से सारी उम्मीदें टूट गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

