नौकरीपेशा अभिभावकों के बच्चों के लिए हिमाचल में खुलेंगे क्रेच, खेल-खेल में होगा विकास
शिमला, 08 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में तीन से पांच वर्ष की आयु के बच्चों के लिए क्रेच खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार के नए नियमों के तहत प्रस्तावित इन क्रेच में छोटे बच्चों को सुरक्षित माहौल में देखभाल उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही उनकी उम्र के अनुसार मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास से जुड़ी गतिविधियां करवाई जाएंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने क्रेच शुरू करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजकर आवश्यक बजट उपलब्ध करवाने की मांग की है।
विभाग ने क्रेच में तैनात किए जाने वाले कार्यकर्ता और सहायक के मानदेय के लिए भी बजट मांगा है। क्रेच की सुविधा शुरू होने से विशेष रूप से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां माता-पिता दोनों नौकरी करते हैं। ऐसे परिवारों में छोटे बच्चों की देखभाल एक बड़ी चुनौती रहती है। क्रेच में बच्चों को दिन के समय सुरक्षित देखभाल मिलने से अभिभावकों के लिए नौकरी और अन्य जरूरी काम करना आसान हो सकेगा।
प्रस्तावित क्रेच सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक संचालित करने की योजना है। इस अवधि में बच्चों को केवल निगरानी में रखने की व्यवस्था नहीं होगी, उन्हें उनकी उम्र और जरूरत के अनुसार खेल, मनोरंजन, सीखने और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर ध्यान दिया जाएगा। इस उम्र में बच्चों की सीखने की क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक व्यवहार को विकसित करने पर भी जोर रहेगा।
बेबी जिम और पार्क की भी सुविधा
क्रेच में बच्चों के लिए बेबी जिम और पार्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की भी योजना है। इंडोर और आउटडोर गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को खेलकूद का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों को सक्रिय रहने और अपनी ऊर्जा का सकारात्मक इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल प्रदेश में छोटे बच्चों की देखभाल के लिए मुख्य रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था है। ऐसे में नए क्रेच शुरू होने पर तीन से पांच वर्ष की आयु के बच्चों वाले नौकरीपेशा परिवारों को अतिरिक्त सुविधा मिलने की उम्मीद है। क्रेच में बच्चों की देखभाल के साथ उनके शुरुआती विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। हालांकि क्रेच शुरू करने के लिए आवश्यक बजट मिलने और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इनके संचालन की स्थिति स्पष्ट होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

