कांस्टेबल दिनेश कुमार के निलंबन पर परिजनों ने उठाये सवाल, पुलिस विभाग ने बताई कार्रवाई की वजह

WhatsApp Channel Join Now

शिमला, 30 जुलाई (हि.स.)। शिमला पुलिस के कांस्टेबल दिनेश कुमार को निलंबित कर उनके खिलाफ नियमित विभागीय जांच शुरू करने पर बवाल खड़ा हो गया है। विभाग का कहना है कि उन पर विभागीय आदेशों की अवहेलना, समय पर ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने और अनुशासनहीन व्यवहार के आरोप हैं। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद दिनेश कुमार के परिजनों ने वीरवार को एक प्रेस वार्ता कर पुलिस विभाग पर कई आरोप लगाए। उनके भाई सुरेश शांडिल्य और मां ने आरोप लगाया कि दिनेश कुमार को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका दावा है कि पिछले करीब डेढ़ महीने में उनका पांच बार तबादला किया गया। परिवार का कहना है कि वह इस समय मेडिकल अवकाश पर हैं और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।

इसके बाद विभाग ने पूरे मामले में अपना पक्ष रखते हुए विस्तृत घटनाक्रम सार्वजनिक किया। विभाग का कहना है कि कार्रवाई किसी एक घटना के आधार पर नहीं, बल्कि शिकायत, जांच रिपोर्ट और बाद में सामने आए विभागीय तथ्यों के आधार पर की गई है।

विभाग के अनुसार 30 अप्रैल 2026 को कालरा धार, जो पुलिस थाना कुपवी और पुलिस थाना चौपाल की सीमा के पास स्थित है, में हुई एक घटना के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी चौपाल और कांस्टेबल दिनेश कुमार के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसकी जांच उस समय एसडीपीओ ठियोग ने की, जो अतिरिक्त कार्यभार के रूप में एसडीपीओ चौपाल का दायित्व भी संभाल रहे थे। जांच में पाया गया कि तत्कालीन थाना प्रभारी और कांस्टेबल दिनेश कुमार ने कुछ स्थानीय लोगों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित लोगों से पैसे और सामान छीन लिए गए और उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट 6 जून को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिमला पहुंची। इसके आधार पर 7 जून को तत्कालीन थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। विभाग ने कहा कि दिनेश कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी, लेकिन उस समय उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया और न ही विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। बाद में उन्हें केवल ड्यूटी के लिए पुलिस थाना चौपाल से पुलिस थाना ननखड़ी भेजा गया, जो तबादला नहीं था।

विभाग का कहना है कि उन्होंने समय पर वहां ड्यूटी ज्वाइन नहीं की और करीब दो सप्ताह बाद 21 जून को पहुंचे। विभाग ने यह भी बताया कि दिनेश कुमार पिछले पांच वर्षों से लगातार थाना चौपाल में तैनात थे। इसके बाद उन्होंने अपनी पसंद के स्थान पर तैनाती के लिए वरिष्ठ अधिकारियों पर कई बार अनुचित दबाव बनाने का प्रयास किया। उनकी पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए 9 जुलाई को उनकी पसंद के अनुसार नायब कोर्ट, ठियोग में तैनाती दी गई, जहां उन्होंने 17 जुलाई को कार्यभार संभाला।

विभाग के अनुसार इसके बाद भी वह शिमला में स्थायी गार्ड ड्यूटी पर तैनाती के प्रयास करते रहे और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करते रहे। विभाग का कहना है कि इन्हीं सभी तथ्यों, विभागीय आदेशों की बार-बार अवहेलना और अनुशासनहीन व्यवहार को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला ने उन्हें निलंबित कर नियमित विभागीय जांच के आदेश दिए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Share this story